
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन
30 जनवरी 2023
हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों में अवैध खनन रोकने में सरकार हस्तक्षेप करेगी। सरकार जनजातीय क्षेत्रों में खनन की परमिशन देने के लिए पंचायतों से बात करेगी और NOC जारी करने के लिए उन्हें मनाएगी। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायतों से NOC मिले बिना उद्योग विभाग खनन साइटों की नीलामी नहीं कर पा रहा है। पेसा एक्ट के तहत ट्राइबल एरिया में खनन साइटों को नीलाम करने से पहले पंचायतों से NOC लेना जरूरी है।
जब तक पंचायतें विभाग को खनन की मंजूरी नहीं दे देतीं, तब तक विभाग खनन साइटों को नीलाम नहीं कर सकता। इस वजह से प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में अवैध खनन की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। इसे रोकने में सरकार हस्तक्षेप करेगी और पंचायतों से NOC जारी करने के लिए बात करेगी। उन्हें विश्वास में लिया जाएगा कि खनन साइटों के नीलाम होने से किस तरह से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा और निर्माण सामग्री वहीं पर उपलब्ध होगी।
जरूरत पड़ी तो पेसा एक्ट में संशोधन करेगी सरकार
पंचायतों से NOC मिलने की अगर बात नहीं बनी तो आवश्यकता पड़ने पर सरकार पेसा कानून में संशोधन करेगी। जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस सिलसिले में उनकी किन्नौर जिले के जिला परिषद, BDC, पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों के साथ चर्चा भी हुई है। उन्होंने कहा कि पंचायत की अनुमति के बाद खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या है पेसा एक्ट
पेसा एक्ट (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरियाज एकट ) वर्ष 1986 में पंचायती राज व्यवस्था में अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार करते हुए पेसा कानून की शुरुआत हुई। आसान भाषा में समझें तो इस कानून की 3 प्रमुख बातें हैं- जल, जंगल और जमीन पर पंचायत का अधिकार।
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