हिमाचल के शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु, ज्वालामुखी में कन्या पूजन के साथ नवरात्रे शुरू

Chaitra Navratri 2024: begins with flag ceremony and girl worship in Himachal's Shaktipeeth jawalamukhi and ot

चैत्र नवरात्र मंगलवार से शुरू हो गए हैं। नवरात्र के लिए प्रदेश के सभी शक्तिपीठों समेत अन्य मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि वे आराम से दर्शन कर सकें। शक्तिपीठ ज्वालामुखी में पहले दिन सुबह 5:00 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोले  गए। शक्तिपीठ में सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। हिंदू नववर्ष के चलते स्थानीय लोग भी दर्शन के लिए पहुंचे। मेले के पहले दिन पूरे मंदिर को रंग-बिरंगी लाइनों से सजाया गया। ज्वालामुखी मंदिर परिसर में  पुजारी एवं ट्रस्टी दिव्यांशु भूषण दत्त व अविनेंद्र शर्मा की ओर से विधिवत पूजा-अर्चना डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा व एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा,  मंदिर अधिकारी व तहसीलदार मनोहर लाल शर्मा व डीएसपी आरपी जसवाल के कर कमलों से करवाई गई।

इसके साथ ही शहनाई वादन की धुनों के साथ झंडा रस्म की गई और नए झंडे माता के दरबार में चढ़ाए गए और कन्या पूजन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 50 होमगार्ड के जवान व अतिरिक्त पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। मंदिर पुजारी व न्यास सदस्य अविनेद्र शर्मा का कहना है कि आज नव हिन्दू नववर्ष व चैत्र नवरात्र का शुभारंभ झंडा रस्म से किया गया। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि झंडा रस्म के साथ विधिवत पूजा-अर्चना से नवरात्रि का आगाज किया।

कहा कि प्रशासन की तरफ से सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और श्रद्धालुओं की हर सुविधाएं दी जा रही हैं।  भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मी तैनात हैं और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शक्तिपीठ श्री नयनादेवी के कपाट श्रद्धालुओं के लिए रात दो बजे ही खोल दिए गए थे। चिंतपूर्णी और बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट चार बजे और चामुंडा-ज्वालामुखी मंदिर के पांच बजे खुले। नयनादेवी और ज्वालामुखी मंदिर में ड्रोन से भी सारी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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