
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पारिवारिक पेंशन को लेकर एक मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी की पहली पत्नी की मृत्यु उसके जीवनकाल में ही हो गई है और अन्य कोई दावेदार न हो तो दूसरी पत्नी को पारिवारिक पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने पाया कि पहली पत्नी की कोई संतान नहीं थी और वह कर्मचारी की मृत्यु से पहले ही गुजर चुकी थी। याचिकाकर्ता कर्मचारी की दूसरी पत्नी है और उसके अलावा पेंशन का कोई दूसरा व्यक्ति हकदार नहीं है।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का जिक्र किया
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि यदि एक पुरुष और महिला लंबे समय तक साथ रहते हैं, तो उनके विवाह की वैधता की धारणा मानी जा सकती है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी पत्नी को पेंशन देने से किसी अन्य पक्ष के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है। न्यायालय ने सरकार के 18 फरवरी 2022 के आदेश रद्द करते हुए याचिकाकर्ता को तुरंत पारिवारिक पेंशन जारी करने का प्रतिवादी विभाग को आदेश दिया। पेंशन का पिछला बकाया 3 माह के भीतर देने को कहा है। यदि विभाग 3 महीने के भीतर भुगतान नहीं करता है, तो उसे इस राशि पर 6 फीसदी वार्षिक ब्याज देना होगा। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को मई 2026 से नियमित रूप से मासिक पेंशन देने को कहा है।
पहली पत्नी का कोई वारिस नहीं
याचिकाकर्ता का विवाह कर्मचारी के साथ 3 अप्रैल 1987 को पहली पत्नी के जीवित रहते हुआ था। पहली पत्नी का कोई वारिस नहीं है, जबकि दूसरी पत्नी से कर्मचारी की दो संतान हैं। पहली पत्नी की मृत्यु 2015 में हुई, जबकि पति का निधन 2021 में हुआ। सरकार ने दूसरी पत्नी की पेंशन यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उसने कर्मचारी से तब शादी की जब उनकी पहली पत्नी जीवित थी, जो कानूनी रूप से मान्य नहीं था।
पोक्सो मामले में विधायक हंसराज को मिली अग्रिम जमानत पर सरकार ने दायर की स्टेटस रिपोर्ट
वहीं प्रदेश हाईकोर्ट में वीरवार को पोक्सो मामले में अग्रिम जमानत पर रिहा भाजपा विधायक हंसराज मामले में राज्य सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। आरोपी विधायक हंसराज की ओर से अदालत में अधिवक्ता पेश हुए। उन्होंने दायर याचिका में लगाएं गए आरोपों पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके साथ ही याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने राज्य की ओर से दाखिल रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए समय मांगा, जिसे न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई 4 मई को होगी। पीड़िता ने चुराह से आरोपी भाजपा विधायक हंसराज को चंबा कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। पीड़िता ने विधायक पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिस पर फिलहाल वह अग्रिम जमानत पर हैं। स्पेशल पोक्सो कोर्ट चंबा ने 27 नवंबर को आरोपी को जमानत दी है, जिसे पीड़िता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।





