
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
11 फरवरी 2023
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से होने वाली भर्तियों की प्रक्रिया सुक्खू सरकार में ठप पड़ी है। आयोग के कामकाज को निलंबित किए 47 दिन हो चुके हैं। अभी न तो नई भर्तियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं और न ही पूर्व में मांगे आवेदनों के तहत छंटनी परीक्षाएं शुरू हो पाई हैं। जिन लोगों ने वर्ष 2021-22 में विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया है, वे ओवरऐज हो रहे हैं। परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के लिए ली गई कोचिंग और तैयारियों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने चुनाव घोषणापत्र में पहली मंत्रिमंडल की बैठक में सूबे के एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने चयन आयोग का कामकाज निलंबित करने के अलावा आयोग के माध्यम से भविष्य में होने वाली भर्तियों में पारदर्शिता लाने की घोषणा की थी।
इसके लिए आईएएस अधिकारी अभिषेक जैन की अध्यक्षता वाली एक हाई पावर कमेटी को हमीरपुर स्थित कर्मचारी चयन आयोग भेजा था। कमेटी ने क्या सुधारात्मक कदम उठाए, इसकी रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हो पाई है। एसआईटी और विजिलेंस ब्यूरो को जांच का जिम्मा सौंपा था। शुरू में जिन आठ लोगों के खिलाफ विजिलेंस ने मामला दर्ज किया, उस एफआईआर में अभी तक कोई नया नाम तक नहीं जुड़ सका। आयोग के पूर्व सचिव के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के लिए सरकार ने अभी मंजूरी नहीं दी है। कर्मचारी चयन आयोग का कामकाज निलंबित करने और विभिन्न भर्तियों पर रोक लगाने के निर्णय से ढाई हजार से अधिक पदों पर होने वाली भर्तियां अभी तक लटकी हैं। करीब दो लाख से अधिक युवाओं ने विभिन्न श्रेणियों के लिए आयोग में आवेदन किया है।
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