
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
15 अक्तूबर 2024
केंद्र सरकार की मदद से पीडब्ल्यूडी हिमाचल में 700 से ज्यादा गांवों को सडक़ से जोडऩे की तैयारी में है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के प्रारूप में इन सडक़ों का चयन किया गया है। इनमें 497 गांव ऐसे हैं, जिनमें आबादी 100 से 250 के बीच है, जबकि करीब 219 गांव ऐसे हैं, जहां की आबादी 250 से अधिक है। हिमाचल पीडब्ल्यूडी का प्लान दिल्ली में काम कर गया, तो करीब 4000 करोड़ रुपए की सौगात प्रदेश को मिलेगी और यह पीएमजीएसवाई में अब तक मिले बजट में सबसे ज्यादा होगी। अब तक 3000 करोड़ रुपए ही सबसे बड़ी रकम है, जो बीते साल विभाग को मिल चुकी है। पीएमजीएसवाई-4 में 2800 करोड़ रुपए से नई सडक़ें तैयार की जाएंगी, जबकि 1200 करोड़ रुपए सडक़ों के रखरखाव पर खर्च होने की संभावना है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में छोटी-छोटी आबादी वाले गांव को सडक़ से जोडऩे जा रही है। इस क्रम में पीडब्ल्यूडी ने शुरुआत से ही कम आबादी वाले गांव की सूची तैयार करना शुरू कर दिया था और अब पूरे आंकड़े विभाग के पास जमा हो चुके हैं। पीएमजीएसाई के चौथे चरण को लेकर मंगलवार को दिल्ली में बैठक होने वाली है। इस बैठक में पीएमजीएसवाई की गाइडलाइन तय की जाएगी। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में केंद्र सरकार कम खर्च और नई तकनीक से सडक़ें बनाने को लेकर भी प्लान तय कर सकती है। 700 गांवों का आंकड़ा हिमाचल में पीडब्ल्यूडी ने पहले ही तैयार कर लिया है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण के लिए 70 हजार 125 करोड़ रुपए का कुल बजट तय किया है। हिमाचल की तैयारी के हिसाब से बड़ा हिस्सा प्रदेश को मिल सकता है।





