हिमाचल प्रदेश: बजट 2026–27 में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम, सशक्तिकरण और विकास पर फोकस: अनुराग सिंह ठाकुर

हिमाचल प्रदेश: अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “पिछले 12 वर्षों में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नारीशक्ति ने सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण की नई ऊंचाइयों को छुआ है। इस बार वित्त मंत्री माननीया निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 महिलाओं पर केंद्रित आर्थिक सुधारों का ऐतिहासिक विस्तार दर्शाता है। 2026–27 का बजट Women Empowerment के इतिहास में एक रेफरेंस के रूप में उभरेगा, क्योंकि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा gender-responsive बजट है। मोदी सरकार ने कुल बजट का 9.37% हिस्सा महिलाओं की बराबरी और सशक्तिकरण के लिए रखा है। महिला और बालिकाओं के कल्याण के लिए इस बार पांच लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 11.36% अधिक है।

नारी शक्ति संवर्धन के लिए लखपति दीदी योजना को She-Mart (Self-Help Entrepreneur Marts) से जोड़ने का फैसला किया गया है। वर्ष 2023 में शुरू हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक 1,48,32,258 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाए।”

अनुराग सिंह ठाकुर ने बजट को ₹1,07,688.42 करोड़ तक बढ़ाए जाने पर प्रकाश डाला, जो महिलाओं और लड़कियों के लिए 100% आवंटन वाली योजनाओं के अंतर्गत है। यह राशि आवास, आजीविका, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में खर्च की जाएगी, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।

बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका पर विशेष जोर दिया गया है। दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के लिए 2026–27 में ₹19,200 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे लाखों महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को ऋण, कौशल और सतत आय के अवसर मिलेंगे। NAMO Drone Didi जैसी पहल के लिए ₹676.85 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो ग्रामीण महिला किसानों और कृषि-उद्यमियों को अत्याधुनिक कृषि तकनीक से सशक्त बनाएगा।

स्वयं सहायता उद्यमी (SHE) मार्ट्स की ऐतिहासिक घोषणा को परिवर्तनकारी कदम बताते हुए कहा गया कि इससे लाखों महिला SHG सदस्यों को स्वतंत्र उद्यमी बनने का अवसर मिलेगा।

महिलाओं के आवास और गरिमा के संदर्भ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं शहरी 2.0) के तहत महिलाओं पर केंद्रित घटकों के लिए ₹21,625.05 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सुरक्षित घर, संपत्ति सृजन और वित्तीय समावेशन का लाभ मिलेगा। वहीं PMAY–ग्रामीण के लिए ₹52,575.01 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें महिलाओं को प्राथमिक या सह-स्वामी बनाया जाता है।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ₹1,014.05 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिनमें सेफ सिटी परियोजनाएं और मजबूत पुलिसिंग ढांचा शामिल है। मिशन शक्ति के लिए ₹3,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं की सुरक्षा, कौशल विकास, कानूनी सहायता और संस्थागत समर्थन को मजबूत करेगा। राष्ट्रीय महिला आयोग के लिए ₹36 करोड़ का आवंटन शिकायत निवारण और नीति समर्थन को सशक्त बनाएगा।

इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले और उच्च शिक्षा संस्थानों में, विशेष रूप से STEM विषयों में, लड़कियों के छात्रावास स्थापित किए जाएंगे। समग्र शिक्षा और अन्य संबद्ध कार्यक्रमों के अंतर्गत निवेश जारी रहेगा, जिससे छात्राओं की भागीदारी बढ़ेगी, ड्रॉपआउट दर कम होगी और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार उद्यम सृजन के साथ-साथ बाजार तंत्र और संस्थागत समर्थन को भी सुदृढ़ कर रही है, जिसमें She-MARTS नेटवर्क, उद्यम वित्तपोषण पहल, मजबूत SHG आजीविका प्रणाली, सुरक्षा कार्यक्रम, आवास स्वामित्व और शिक्षा समर्थन शामिल हैं। यह सभी पहलें महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की एक समग्र रणनीति का हिस्सा हैं।

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