
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
26 सितंबर 2023

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भीख मांगने वाले बच्चों का पुनर्वास न करने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने हिमाचल प्रदेश भिक्षावृत्ति रोकथाम अधिनियम की अनुपालना न करने पर राज्य सरकार के हल्फनामे से असंतोष जताया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने सरकार को जमीनी हकीकत से अवगत करवाने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
बता दें कि विधि की पढ़ाई कर रही असमिता ने जनहित में याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भीख मांगने वाले बच्चों का पुनर्वास के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मजबूरन गरीब बच्चे भीख मांगने के लिए विवश हैं। अदालत ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग सहित सभी राज्य सरकारों को आदेश दिए थे कि इन बच्चों के लिए पॉलिसी बनाई जाए और ऐसे बच्चों को तलाश कर इनका पुनर्वास किया जाए। इन आदेशों की अनुपालना में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने 27 जनवरी 2022 को सभी सरकारों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और आयोग के निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार इन बच्चों के पुनर्वास के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
अदालती आदेशों की अनुपालाना न करने पर हाईकोर्ट सख्त





