
# खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
12 अगस्त 2024
राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से सोमवार को चार नेशनल हाईवे व 338 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से सोमवार को चार नेशनल हाईवे व 338 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। सबसे ज्यादा सड़के शिमला, मंडी, कुल्लू व चंबा जिले में बाधित हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में 488 बिजली ट्रांसफार्मर व 116 जल आपूति योजनाएं प्रभावित हैं। इससे कई इलाकों में बिजली व पानी का संकट पैदा हो गया है। पंजाब के जेजों गांव में रविवार सुबह करीब 10:00 बजे एक इनोवा कार खड्ड के तेज बहाव में बह गई थी। इससे कार में सवार ऊना के नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लापता हैं। एक युवक को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। एक अन्य हादसे में भारी बारिश के चलते ऊना के टाहलीवाल में बाथड़ी खड्ड में दो बहनों समेत तीन बच्चियों की बहने से मौत हो गई। चंबा के अंतर्गत ग्राम पंचायत प्रौथा में सोमवार सुबह बुआ व भतीजे की पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान अर्पणा(26) पत्नी प्यारो गांव ओथल चंबा व अक्षय(9) पुत्र चुन्नीलाल गांव ओथल के रूप में हुई है।
चार फीट धंस गया फोरलेन का 100 मीटर हिस्सा
उधर, बरसात के कहर से एक बार फिर चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को भारी क्षति पहुंच रही है। पंडोह डैम के कैंची मोड़ से कुल्लू के दयोड में 500 मीटर की दूरी पर एक तरफ सड़क लगभग 4 फुट नीचे ब्यास की ओर धंस गई। करीब 100 मीटर यह सड़क पूरी तरह से धंस जाने से एक लेन सड़क बंद हो गई। बारिश के चलते यहां पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। उधर, एनएचएआई की जेसीबी पहाड़ से गिरे मलबे को हटाने में लगी है। ऐसी आशंका है कि अधिक मलबे के भार से यह सड़क जल्द ही ब्यास में गिर जाएगी। बता दें कि पिछली बरसात में भी यही प्वाइंट धंसा था, मगर तब बहुत कम दरारें थीं, मगर इस बार दरारें खाई बन गई हैं। उधर, कैंची मोड़ जहां से फोरलेन शुरू होता है, वहां पर भी सड़क पर एक तरफ मलबा आ गिरा है। पहाड़ी पर बने घरों को भी खतरा बन गया है।





