
20 मार्च की तारीख भी निकली, आज होगा फैसला
282 मेगावाट के प्रोजेक्ट लेने को कोई तैयार नहीं
हिमाचल में बिजली परियोजना हासिल करने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार 20 मार्च तक टेंडर की डेट को बढ़ाया गया था, मगर एक भी आवेदन किसी कंपनी ने नहीं किया है। अभी प्रदेश ने 11500 मेगावाट बिजली का ही दोहन किया है, जबकि उसके पास क्षमता 24 हजार मेगावाट की है। 20 हजार मेगावाट तक के प्रोजेक्ट हिमाचल दे चुका है, मगर वह तैयार नहीं हो पा रहे। इस पर अब 282 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं का आबंटन करने की तैयारी थी, मगर तीन बार टेंडर डेट आगे बढ़ाने पर भी कोई आवेदन नहीं आया है। जानकारी के अनुसार आने वाले दिनों में जल्दी ही तेलंगाना राज्य के साथ दो पावर प्रोजेक्ट पर एमओयू होगा, लेकिन प्राइवेट सेक्टर यहां प्रोजेक्ट लेने को तैयार ही नहीं हो रहा है। हालांकि सरकार ने शर्तों में छूट भी दी, लेकिन किसी को दिलचस्पी नहीं है। उम्मीद की जा रही थी कि कंपनियां यहां पावर प्रोजेक्ट लेने के लिए आगे आएंगी। पहले 10 मार्च बिडिंग की तारीख रखी थी, जिसे बढ़ाकर पहली अप्रैल कर दिया गया है। अब पहली अप्रैल तक कंपनियां प्रोजेक्ट लेने के लिए बिडिंग कर सकती हैं।
निजी कंपनियों को सरकार ने एक लाख प्रति मेगावाट की दर से बिडिंग का रेट रखा है। इससे ऊपर जो भी कंपनी बिडिंग करेगी, उसे यहां पर परियोजनाएं दी जाएंगी। पहले 22 फरवरी तक 21 दिनों का समय कंपनियों को दिया गया था, जिसमें वे अपनी बिडिंग कर सकते थे। इसके बाद दोबारा डेट बढ़ाई गई और इसे 10 मार्च तक कर दिया गया था, लेकिन तब भी कंपनियां नहीं आईं। अब 20 मार्च के बाद भी यहां कंपनियों की तरफ से कोई आवेदन नहीं आया है। इसे बढ़ाकर पहली अप्रैल तक किया जा सकता है।





