हिमाचल में महंगा हुआ सफर, न्यूनतम के बाद अब 15 फीसदी बढ़ा सामान्य किराया, अधिसूचना जारी

शिमला | हिमाचल में बसों के न्यूनतम किराये में पांच रुपये की बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार ने लंबी दूरी के सामान्य किराये में भी 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। पहाड़ी क्षेत्र के लिए सामान्य बसों में 20 और मैदानी क्षेत्रों के किराये में 31 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। एसी डीलक्स और सुपर लग्जरी वॉल्वो बसों का किराया भी बढ़ाया गया है। राज्य सरकार ने वीरवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और शुक्रवार से नई दरें लागू हो जाएंगी। राज्य में सामान्य किराया 22 जुलाई, 2020 के बाद बढ़ा है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार साधारण बसों का मैदानी क्षेत्रों में सामान्य किराया 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से लिया जाएगा, जो पहले 2.19 रुपये था। इसी तरह पहाड़ी क्षेत्रों में किराया 1.60 रुपये की दर से लिया जाएगा। इससे पहले यह किराया 1.40 रुपये प्रति किलोमीटर था। वहीं, डीलक्स बसों के मैदानी क्षेत्र के किराये में 24 और पहाड़ी क्षेत्रों में 39 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। राज्य सरकार ने परिवहन निगम की आय बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। इससे पहले परिवहन निगम ने न्यूनतम किराया 5 से बढ़ाकर 10 रुपये किया था। अब लंबी दूरी का सामान्य किराया बढ़ा दिया गया है।

साधारण बसें : किराया प्रति किलोमीटर (रुपये में) 

किराया  अब  पहले
मैदानी क्षेत्र 1.60 1.40
पहाड़ी क्षेत्र 2.50 2.19

डीलक्स बसें : किराया प्रति किलोमीटर (रुपये में)

किराया अब पहले
मैदानी क्षेत्र 1.95 1.71
पहाड़ी क्षेत्र 3.10 2.71

सुपर लग्जरी वॉल्वो बस किराया प्रति किलोमीटर (रुपये में)

किराया अब पहले
मैदानी क्षेत्र 3.90 3.42
पहाड़ी क्षेत्र 5.20 4.52

किस क्षेत्र के लिए अब कितना लगेगा अनुमानित किराया

स्टेशन     अब पहले
शिमला-धर्मशाला 615 535
शिमला-मंडी 382 333
शिमला-चंबा 977 850
शिमला-मनाली 701 610
शिमला-चंडीगढ़ 285 242
शिमला – दिल्ली 582 512

वॉल्वो का किराया

स्टेशन अब पहले
शिमला-चंडीगढ़ 488 425
शिमला-दिल्ली 1150 1000
शिमला-धर्मशाला 1071 932

पठानकोट और जम्मू के लिए परिवहन सेवाएं बंद करने की तैयारी
भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के चलते पथ परिवहन निगम सीमाओं के साथ लगते क्षेत्रों के लिए बस सेवाएं बंद करने की तैयारी में है। पठानकोट, जम्मू के बस रूटों की सूची मांग ली गई है। शुक्रवार को परिवहन मुख्यालय में बैठक होनी है और इसमें बस सेवा बंद करने को लेकर फैसला लिया जाएगा।

स्मार्ट, ग्रीन और सम्मान कार्ड पर मिलती रहेगी छूट
निगम की बसों में सफर करने पर लोगों को स्मार्ट, ग्रीन और सम्मान कार्ड पर छूट पहले की ही तरह मिलती रहेगी। ग्रीन और सम्मान कार्ड पर 50 किलोमीटर के दायरे में छूट मिलती है। ग्रीन पर 25 और सम्मान कार्ड पर 30 प्रतिशत की छूट है। इसके अलावा स्मार्ट कार्ड पर 10 प्रतिशत की छूट लंबी दूर का सफर करने पर मिलती है।

भविष्य में किराया वृद्धि का निर्णय लेने के लिए प्रभारी मंत्री अधिकृत होगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किराया वृद्धि का प्रस्ताव परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर मुद्रास्फीति की आधिकारिक दर के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकेगा। इस संबंध में निर्णय लेने के लिए प्रभारी मंत्री अधिकृत हैं। सरकार ने पहले ही न्यूनतम बस किराये को पांच से बढ़ाकर 10 रुपये किया है। अब बसों का सामान्य किराया भी बढ़ा दिया गया है।  इससे पहले सरकार ने 19 अप्रैल को प्रदेश में न्यूनतम बस किराया 10 रुपये लागू किया था। इसके तहत प्रदेश राज्य में सभी स्टेज कैरिज बस सेवाओं में पहले तीन किलोमीटर के लिए पूर्व में निर्धारित पांच रुपये के स्थान पर अब पहले चार किलोमीटर के लिए 10 रुपये न्यूनतम किराया लिया जा रहा है।

बस किराया बढ़ा कर सरकार ने संकट में डाले लोग : जयराम

 नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बसों के किराए में बढ़ोतरी कर हिमाचल की जनता के साथ नाइंसाफी की है। जब से कांग्रेस सरकार आई है, एचआरटीसी प्रदेश के लोगों को परेशान करने का जरिया बन गया है। एचआरटीसी आम आदमी की सवारी है, लोग अपने रोजमर्रा के कामों में एचआरटीसी की बसों का इस्तेमाल करते हैं। पहले शुल्क की सरकार ने बसों के न्यूनतम किराए में वृद्धि कर आम लोगों के परिवार की जेबों पर महंगाई का बोझ डाला और अब लंबी दूरी के किराए में भी 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे आम लोगों को महंगाई का एक और झटका दे दिया है। सरकार इस तरह के फैसले से बाज आए।
बस किराया वृद्धि आम जनता के साथ अन्याय : बिक्रम
भाजपा विधायक और पूर्व परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा बस किराए में की गई बढ़ोतरी को जनविरोधी निर्णय करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने फिर प्रदेश की जनता की जेब पर डाका डाला है। एचआरटीसी आम आदमी की जीवन रेखा है, उसे सस्ती और सुलभ परिवहन सेवा देने की बजाय अब महंगी सेवा बना दिया गया है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि जब से सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार सत्ता में आई है, तब से जनता पर एक के बाद एक आर्थिक मार पड़ रही है। पहले न्यूनतम किराए में बढ़ोतरी कर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को प्रभावित किया गया और अब लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए भी किराए में 15 फीसदी तक की वृद्धि कर दी गई है। यह आम जनता के साथ अन्याय है। बिक्रम ठाकुर ने मांग की कि सरकार इस जनविरोधी निर्णय को तुरंत वापस ले और जनता को राहत दे।
कांग्रेस के एक और जनविरोधी फैसले से हिमाचल परेशान : अनुराग
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा बस के किराये में बढ़ोतरी को जनविरोधी और जनता की जेब पर सरकार द्वारा डाका डालने वाला फैसला बताया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार आए दिन जनविरोधी फैसले ले रही है। आज हिमाचल में कांग्रेस सरकार की कार्यशैली कुशासन का पर्याय बन चुका है। प्रदेश में न्यूनतम किराये के बाद आम किराए में भारी बढ़ोतरी कर कांग्रेस सरकार ने जनता को बड़ा झटका देने का काम किया है। हिमाचल सरकार द्वारा हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों का किराया बढ़ाया जाना दिखाता है कि इन्हें जनता की परवाह नहीं है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के हर वर्ग को सिर्फ ठगने और जनता पर महंगाई कि बोझ डालने का काम कर रही है।
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