
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
9 जुलाई 2023
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच किसानों-बागवानों के लिए एक और संकट खड़ा हो गया है। फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली यूरिया खाद प्रदेशभर में किल्लत चल रही है। खाद के लिए किसान-बागवानों डिपुओं में संपर्क कर रहे हैं, मगर उन्हें खाद नहीं मिल रही। यदि जल्द खाद मुहैया नहीं हो पाई तो किसानों को नुकसान होगा, साथ ही बागवानी पर भी असर पड़ेगा। हिमफेड ने संबंधित कंपनियों को इस बार 9922 मिट्रिक टन खाद की डिमांड भेज दी है।
अब यह सप्लाई कब तक आएगी, इसका कुछ पता नहीं है। वहीं अगर फसलों को यूरिया खाद की जरूरत है। बीते दिनों जिला सोलन के लिए 500 मीट्रिक टन की मांग भेजी थी, मगर 200 मीट्रिक टन खाद की सप्लाई ही मिल पाई। वह भी एक सप्ताह में ही खत्म हो गई। मानसून की बारिश के बीच टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी समेत फलों और मक्की के लिए यूरिया खाद अति आवश्यक होती है।
हिमफेड के सहायक विपणन अधिकारी विकास ने बताया कि प्रदेशभर में यूरिया खाद की कमी चल रही है। मांग कंपनियों को भेजी गई है। वहीं इस बार खाद की मांग भी अधिक है। मांग के अनुसार यह सप्लाई कम पड़ रही है। कृषि निदेशक के माध्यम से डिमांड बढ़ाने के लिए पत्र भेजने की भी मांग की गई है।
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