
हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग ने विलुप्त हो रही देसी मधुमक्खियों (एपीस सेराना) के संरक्षण के लिए मड हाइब नामक एक नई तरह का मधुमक्खी घर विकसित किया है। इसमें बागवान अपने बगीचों और घरों में मधुमक्खियों को स्थायी तौर पर रख सकते हैं। यह घर मधुमक्खियों के लिए प्राकृतिक और टिकाऊ आवास प्रदान करता है, जिससे शहद का उत्पादन बढ़ता है और मधुमक्खी पालन को अधिक सुविधाजनक बुनाया जा सकता है। वर्तमान में मधुमक्खियों की देसी प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं।
मड हाइब प्राकृतिक सामग्री से बिना खर्चे के बनाए जाते हैं, जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित होते हैं। इसे लाल मिट्टी, गोबर, पत्थर और सूखी घास से बनाकर तैयार किया जाता है। इस एक बॉक्स में एपीस सेराना मधुमक्खियों की आठ ट्रे आती हैं। वर्तमान में बगीचों में परागण के लिए ज्यादातर इटालियन मधुमक्खियों (एपीस मेलिफेरा) का इस्तेमाल करते हैं। यह देसी मधुमक्खियों के मुकाबले ज्यादा मात्रा में शहद तैयार करती हैं। हालांकि गुणवत्ता के अनुसार देसी मधुमक्खियों का शहद ज्यादा बेहतर माना जाता है।





