
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
23 जुलाई 2023

हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन करने वाली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने के लिए गठित किए गए आयोग में जल्द ही अध्यक्ष सहित चार सदस्यों की नियुक्तियां होंगी। शनिवार को इस बाबत मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की अध्यक्ष में आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्तियों के लिए गठित सर्च कमेटी की बैठक हुई। बैठक में अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए आए आवेदनों पर चर्चा की गई। अब मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ चर्चा करने के बाद नियुक्तियों के आदेश जारी करेंगे।
जल शक्ति विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी इस माह सेवानिवृत्त रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए अवस्थी ने भी आवेदन किया है। अमिताभ अवस्थी की इस पद के लिए दावेदारी मजबूत मानी जा रही हैं। इनके अलावा पर्यटन निदेशक अमित कश्यप भी दौड़ में शामिल हैं। कश्यप की दिसंबर 2023 में सेवानिवृत्ति होनी है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विकास लाबरू ने भी आवेदन किया है। आयोग के अध्यक्ष पद के लिए कुल 13 आवेदन हुए हैं। सदस्यों के लिए 21 लोगों ने आवेदन किए हैं। वाटर सेस आयोग जल उपकर से संबंधित तमाम अपीलों की सुनवाई करेगा।
आयोग हिमाचल प्रदेश जल विद्युत उत्पादन पर जल उपकर अधिनियम -2023 के अनुसार काम करेगा। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश जलविद्युत उत्पादन पर जल उपकर राज्य आयोग अध्यक्ष और सदस्यों का वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें नियम -2023 अधिसूचित कर दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपना कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। आयोग के अध्यक्ष प्रतिमाह 1,35,000 रुपये नियत मूल वेतन जमा महंगाई भत्ता प्राप्त करने के लिए हकदार होंगे।
सदस्य 1,20,000 रुपये नियत मूल वेतन और महंगाई भत्ता प्राप्त करने का हक रखेंगे। अगर कोई सरकारी अधिकारी अध्यक्ष या सदस्य के रूप में नियुक्त होता है तो वह अपने निर्धारित वेतनमान और भत्तों का लाभ लेगा। अगर अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुका है तो उन्हें अंतिम वेतनमान के बराबर लाभ मिलेगा। पेंशन और भत्ते इसमें शामिल नहीं होंगे। अन्य भत्ते जैसे यात्रा, परिवहन, मेडिकल उपचार, टेलीफोन सुविधा आदि भी ग्रुप ए अधिकारी के बराबर दिए जाएंगे।
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