
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध पर सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी सफाई कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के बराबर लाभ दिए जाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने दायर सभी याचिकाओं का निपटारा एक साथ करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने पहले भी ऐसे निर्णय दिए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने कहा कि सभी याचिकाओं में समान कानूनी और तथ्यात्मक प्रश्नों वाली हैं और इन सभी में समान राहत की मांग की गई है। इसलिए सामान्य निर्णय में याचिकाकर्ताओं को दस दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन ( रिप्रेंजेटेशन) प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है। साथ ही सक्षम प्राधिकारी को चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
न्यायालय ने अनिवार्य रूप से संबंधित प्राधिकारियों को समान मामलों पर पहले के न्यायालय के निर्णयों के आधार पर याचिकाकर्ताओं की नियमितीकरण की मांग पर पुनर्विचार करने, समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से निपटाने के आदेश दिए हैं। इन मामलों में याचिकाकर्ताओं ने अपनी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि 28 अगस्त, 2018 से सफाई कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी के रूप में अपनी नियुक्तियों को नियमित करने की मांग की थी और नियमित कर्मचारियों के सभी लाभ मांगे थे। उन्होंने अपने नियुक्ति पत्रों से अनुबंध शब्द को हटाने की भी मांग की थी। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को आश्वासन दिया कि याचिकाकर्ताओं की ओर से जो अभ्यावेदन दिया जाएंगे,उन पर तुरंत निर्णय लिया जाएगा।






