1 सितंबर, 1972 को अस्तित्व में आया था सोलन जिला, 51 वर्ष मे किया प्रवेश

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

1 सितंबर 2023

राजधानी शिमला के बाद प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर सोलन शुक्रवार को 51 वर्ष का हो गया। प्रदेश में जिलों के पुनर्गठन के दौरान एक सितंबर, 1972 को सोलन जिला अस्तित्व में आया था। आजादी के बाद हिमाचल के बनने व राज्य के पुनर्गठन के समय बघाट रियासत के साथ लगती आठ रियासतों को मिलाकर सोलन जिला का गठन किया गया था।

स्वतंत्रता से पूर्व सोलन बघाट रियासत की राजधानी थी। वर्ष 1971 में हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद जिलों के पुनर्गठन का कार्य आरंभ हुआ। तत्कालीन महासू जिला की सोलन व अर्की तहसील और शिमला जिला के कंडाघाट व नालागढ़ को मिलाकर सोलन जिला बनाया गया।

इस विषय पर अधिक जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने बताया की 1 सितंबर 1972 को पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर यशवंत सिंह परमार ने सोलन को एक अलग जिला बनाया था उन्होंने बताया कि सोलन जिला बनने के बाद बहुत तरक्की हुई है और जिस तरीके से विकास हुआ है उस नजरिए से सोलन को अलग जिला बनाने का निर्णय बिल्कुल सही था।

जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सोलन में शिक्षण संस्थान खुले है कृषि, बागवानी को बढ़ावा मिला है और मशरूम सिटी भी सोलन में बनी है।

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