11 डिफाल्टरों की प्रॉपर्टी होगी नीलामी, ARCS ने लिया बघाट बैंक के लोन घोटाले पर महत्त्वपूर्ण फैसला

सोलन : बघाट बैंक सोलन की रिकवरी को लेकर अब आर-पार की लड़ाई शुरू हो चुकी है। एआरसीएस की विशेष अदालत में हुई सुनवाई के दौरान बैंक के बड़े ऋण डिफॉल्टरों पर सख्त रुख अपनाया गया। मंगलवार को सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं गिरिश नड्डा ने जानकारी दी कि एआरसीएस की अदालत ने एक महत्त्वपूर्ण फैसले में 11 प्रॉपर्टी की नीलामी का आदेश दिया है। यह निर्णय लंबे समय से लंबित मामलों की सुनवाई के बाद सुनाया गया। अदालत के आदेश के अनुसार संबंधित प्रॉपर्टी को नियमानुसार जल्द नीलामी प्रक्रिया में लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बकाया भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा न करने के कारण की जा रही है। नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग संबंधित मामलों के निपटारे में किया जाएगा। अदालत के फैसले के बाद संबंधित पक्षों में हलचल देखी जा रही है और आगे की प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि विशेष अदालत में कुल 20 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से आधा दर्जन से अधिक डिफॉल्टरों की संपत्तियों को अटैच करने के निर्देश दिए गए। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो वर्षों से बैंक का पैसा दबाकर बैठे हैं और बार-बार नोटिस के बावजूद भुगतान से बचते रहे। हालांकि, दबाव बढ़ता देख कुछ ऋण डिफॉल्टरों ने नोटिस के माध्यम से ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) के तहत भुगतान करने का भरोसा भी जताया है। लेकिन ्रएआरसीएस ने साफ कर दिया है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस भुगतान ही स्वीकार किया जाएगा। एआरसीएस गिरीश नड्डा ने बताया कि बघाट बैंक सोलन मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई हैं।

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