115 साल पुरानी टॉय ट्रेन अब बन जाएगी इतिहास, कालका-शिमला ट्रैक पर दौड़ेंगे सेमी-विस्ताडोम कोच

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

30 मई 2023

पीएम नरेंद्र मोदी के सपने मेक इन इंडिया का अनुसरण करते हुए पहली बार नैरोगेज (एनजी) कोच बनाकर जहां रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) ने अपनी कार्यकुशलता साबित की है, वहीं बिना किसी डिजाइन डाटा के स्विजरलैंड में सरपट दौड़ने वाली ट्रेन को मात देते विश्वस्तरीय माडर्न पैनारोमिक कोच बनाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। यह शब्द आरसीएफ के जीएम अशेष अग्रवाल ने सोमवार को पैनारोमिक (सेमी-विस्टाडोम) के चार कोच नार्दर्न रेलवे कालका को भेजने के लिए अनावरण करते हुए कहे।

मुख्य अतिथि जीएम आरसीएफ ने कहा कि इन कोच को कालका-शिमला रूट पर दूसरे चरण के ऑसीलेशन ट्रायल के लिए आरसीएफ से भेजा जा रहा है। इनमें एक एसी एग्जीक्यूटिव चेयर कार, एक एसी चेयर कार, एक नॉन एसी चेयर कार और एक लगेज कार शामिल हैं। इन्हें ट्रायल के परिणाम के आधार पर सात डिब्बों के रैक के तौर पर कालका-शिमला रूट पर 25 किलोमीटर की स्पीड पर यात्रियों के लिए चलाया जाएगा।

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