
संघोई धार (अर्की, सोलन) में Ambuja Cements के खिलाफ चल रहा शांतिपूर्ण धरना मंगलवार को 116वें दिन में प्रवेश कर गया, जहां क्रमिक भूख हड़ताल भी लगातार जारी है। समिति का दावा है कि लंबे आंदोलन के दबाव के चलते कंपनी ने अब कुछ मूलभूत सुविधाएं शुरू करनी शुरू की हैं।
धरनास्थल से संयोजक संदीप ठाकुर और ग्रामीणों ने कहा कि हाल ही में घमारो गांव में स्वास्थ्य जांच के लिए एम्बुलेंस भेजी गई, जबकि पहले वर्षों तक ऐसी सुविधाएं नहीं दी गईं। वहीं, खनन प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी सुरक्षा उपाय और रठोह गांव की सड़क मरम्मत जैसे कार्य भी अब तेजी से शुरू किए गए हैं।
समिति ने इन कदमों को “दिखावटी विकास” बताते हुए सवाल उठाए कि आखिर पहले ये सुविधाएं क्यों नहीं दी गईं। ग्रामीणों का मानना है कि यह सब आंदोलन के दबाव का परिणाम है और कंपनी अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रही है।
संयोजक ने लोगों से अपील की कि वे विकास कार्यों का स्वागत करें, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें—हर काम की वीडियोग्राफी करें और कंपनी से पारदर्शिता के साथ जवाब मांगें, ताकि विकास स्थायी हो, न कि अस्थायी।
समिति ने सभी प्रभावित पंचायतों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए अपनी प्रमुख मांगें दोहराईं, जिनमें खनन व ब्लास्टिंग की निष्पक्ष जांच, स्थायी विकास, स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई शामिल हैं।
समिति ने साफ किया है कि जब तक जिला प्रशासन के उपायुक्त मौके पर आकर समाधान नहीं करते, तब तक धरना और भूख हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।





