16 दिसंबर,1971 के विजय दिवस पर हिमाचल के 190 शाहिद सैनिकों को भाजपा की श्रद्धांजलि।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

16 दिसंबर 2023

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विवेक शर्मा ने विजय दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की ताकत उसके आर्थिक सुदृड़ता से ही नहीं होती, उसकी सैनिक क्षमता व दक्षता से भी होती है यह सिद्ध किया है भारतीय सेना ने। आज 16 दिसंबर को भारत विजय दिवस के रूप में मानता है। हम स्वयंसेवक इसे परिहार दिवस के रूप में भी मनाता है। 16 दिसंबर 1971 के दिन बांग्लादेश का जन्म हुआ था। इस युद्ध में हमनें 3843 अपने प्रिय योद्धा खोए थे 9851 घायल हुए थे। लेकिन इन महान योद्धा वीरों की शहादत ने पाकिस्तान के 93000 सैनिकों को 13 दिन के भीतर आत्मसमर्पण करने के लिए विवश कर दिया था। पाकिस्तान सेना के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी ने अपनी पिस्तौल भारत के सुपुत्र लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा जी के समक्ष रखकर आत्म समर्पण कर दिया था
इस पूरे घटनाक्रम में 190 हिमाचल के सपूत भी शहीद हो गए थे।

जिन्हें आज भारतीय जनता पार्टी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उनकी बहादुरी की गाथाएं आज हिमाचल की वादियों में गूंजती हैं। उनकी शहादत हर भारतीय पर एक कर्ज है। गत सालों में भारतीय सेना की ताकत उसकी क्षमता का लोहा पूरे विश्व में बड़ा है। चाहे वह पड़ोसी मुल्कों के घुसकर आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के ऑपरेशन करने की ताकत रही हो या केंद्र सरकार द्वारा सेना को निर्णय लेने की स्वायत्तता प्रदान करने की क्षमता हो सेना की मॉडर्न स्ट्रक्चर डेवलप करने का प्रश्न हो। यहां सैनिकों की बेहतरीन जीवन शैली के लिए निर्णय लेने की क्षमता। भारत की ताकत को आज केवल पड़ोसी देश नहीं विदेशी भी पहचान चुके हैं व सम्मान करते है शांति सेना ,पीसकीपिंग फोर्सज ने भारत की साख को विश्व में बढ़ाया है। जिस पर हर भारतीय को गर्भ होना चाहिए। सेना राष्ट्र का गर्भ व सम्मान होती है।

निम्न स्तर की राजनीति करने वालों ने उस पर भी शंका की उंगलियां उठाई है। भारत तेरे टुकड़े होंगे बोलने वाले हो या भारत को विभाजित कर पाकिस्तान बनाने वाले महत्वाकांक्ष में दो टुकड़ों में परिवर्तित करने वाले आज भारतीय जनता पार्टी का विरोध करते-करते सेना के विरोध में भी उतरे हैं वह पड़ोसी मुल्कों से प्राप्त जानकारी के आधार पर भारतीय सेना को ही कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। जो लोग आज भारत को जोड़ने की यात्राएं चला रहे हैं और चुनावी अलायंस बना रहे हैं। प्रदेशवासियों को यह सोचना होगा क्योंकि हिमाचल के प्रत्येक कुटुंब में से एक व्यक्ति या सेना से सेवानिवृत है या सेवार्थ है उन्हें सचेत रहना होगा उन ताकतों से जो राजनीति तलाश करने का प्रयास कर रहे हैं। जो दुर्भाग्य पूर्ण, व निंदा पूर्व की नहीं। अपितु राष्ट्र विरोधी विचारधारा है। भारत के प्रत्येक नागरिक को इस पर विचार करना चाहिए।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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