
ख़बर अभी अभी मंडी ब्यूरो
09 जून 2024
शिक्षक संगठन चाहते हैं, छुट्टियों में बदलाव हो
ग्रीष्मकालीन स्कूलों में छुट्टियों के अवकाश का शेड्यूल बदलने की डिमांड एक बार फिर से उठी है। शिक्षक संगठनों का यह कहना है कि जो छुट्टियां 22 जून से होनी हैं, उन्हें 15 जुलाई से दिया जाए, क्योंकि सबसे ज्यादा बरसात जुलाई में होती है। बरसात के चलते स्कूलों में बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों को भी यह चिंता रहती है कि वे ऐसी बरसात में अपने बच्चों को स्कूल कैसे भेजें? वहीं अध्यापक भी परेशान रहते हैं कि छोटे बच्चों को स्कूल भेजने पर अभिभावक डरते हैं। शिक्षा विभाग के समक्ष शिक्षक संगठनों ने भी प्रस्ताव भेजे हैं कि स्कूलों में मानसून को देखते हुए छुट्टियों को बढ़ाया जाए। बीते साल भी मंडी में एक मामला सामने आया था, जिसमें स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौट रहे स्कूली बच्चे उफनती नदी में बह गए थे। एक युवक और महिला ने जान पर खेलकर इन बच्चों की जान बचाई और इन बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। मौसम विभाग की मानें तो 20 जून के बाद मानसून पीक पर रहता है ऐसे में उसी समय स्कूल भी खुल जाते हैं
बच्चों की सुरक्षा जरूरी स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष लोकेंद्र नेगी ने कहा कि छुट्टियां 22 जून के बजाय 15 जुलाई से हो तो वह ज्यादा बेहतर है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को ये फैसला लेना चाहिए।
शिक्षा विभाग करे मंथन टीजीटी शिक्षक संगठन के विजय कुमार हीर ने कहा कि बरसात में बच्चों को स्कूल भेजना रिस्की होता है। शिक्षा विभाग इस बारे में सोचे और छुट्टियों को बरसात के चलते बढ़ाए, ताकि कोई खतरा न हो।





