#397 भवनों को ‘लाइफलाइन बिल्डिंग’ में शामिल करने की तैयारी|*

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

13 अक्टूबर 2022

#397 भवनों को ‘लाइफलाइन बिल्डिंग’ में शामिल करने की तैयारी|*

लाइफलाइन बिल्डिंग में उन भवनों और अन्य संपत्तियों को शामिल किया जाता है, जिनका आपदा से पहले, आपदा के दौरान और आपदा के बाद उससे निपटने में विशेष महत्व रहता है।

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भूकंप, भूस्खलन जैसी आपदाओं में जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए ‘लाइफलाइन बिल्डिंग’ को चिन्हित कर उनकी सुरक्षा के लिए पुख्ता तैयारियां की जा रही हैं। हिमाचल के 397 भवनों को ‘लाइफलाइन बिल्डिंग’ की श्रेणी में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक सुदेश कुमार मुक्ता ने बताया कि अब तक प्रदेश भर में 120 ऐसे भवनों एवं अन्य महत्वपूर्ण संपत्तियों को इसके लिए चिन्हित कर लिया गया है।

लाइफलाइन बिल्डिंग में उन भवनों और अन्य संपत्तियों को शामिल किया जाता है, जिनका आपदा से पहले, आपदा के दौरान और आपदा के बाद उससे निपटने में विशेष महत्व रहता है। इसमें राज्य सचिवालय, अस्पताल, जिलाधीश कार्यालय, एयरपोर्ट भवन आदि को शामिल किया जाता है। इसके अलावा आपदा से निपटने में अहम भूमिका निभाने वाले पानी के टैंक और पुलों को भी लाइफलाइन बिल्डिंग की श्रेणी में शामिल किया जाता है। किसी भी आपदा के समय में इन सभी कार्यालय भवनों या अन्य संपत्तियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में इसका कामकाज किसी भी तरह से प्रभावित न हो, उसके लिए इनकी सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए जाते हैं।

किसी भी आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए क्षमता निर्माण का एक महत्वपूर्ण घटक रहता है। इसके तहत आपदा से निपटने में सक्षम भवनों में रेट्रो फिटिंग करवाई जाती है। हिमाचल प्रदेश में रेपिड विजुअज सर्वे के आधार पर इन भवनों का चयन किया जा रहा है। इसके तहत अब तक प्रदेश की कुल 80 के करीब महत्वपूर्ण भवनों में रेट्रो फिटिंग के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर ली गई है। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) से फंडिंग के तहत इनमें रेट्रो फिटिंग करवाई जाएगी। संवाद

संयुक्त राष्ट्र महासभा पर 1989 में दुनिया भर में मनाया जा रहा दिवस
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस हर वर्ष दुनिया भर में 13 अक्तूबर को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्व स्तर पर आपदा न्यूनीकरण और इसके कारण उत्पन्न होने वाले जोखिम को कम करने के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है। ‘अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस’ की स्थापना वर्ष 1989 में दुनिया भर में आपदा न्यूनीकरण की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के आह्वान के बाद की गई थी।

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