
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
23 सितंबर 2024
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के आगामी चरण में हिमाचल की बड़ी उम्मीद पूरी हो सकती है। सब कुछ उम्मीद के मुताबिक रहा तो हिमाचल के हिस्से मौजूदा वित्तीय वर्ष में 4000 करोड़ रुपए की मदद आएगी। खास बात यह है कि इस मदद से 700 गांवों को नई सडक़ मिलेगी। ये गांव अभी तक सडक़ से नहीं जुड़ पाए हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार इन गांवों में उस समय आबादी 200 से कम थी और इस वजह से इन गांवों का चयन प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना यानी पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण में नहीं हो पाया। पीडब्ल्यूडी ने एक करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से सडक़ का आकलन तैयार किया है। ऐसे में 700 गांवों के लिए 2800 करोड़ रुपए से सडक़ें तैयार होंगी, जबकि करीब 1200 करोड़ रुपए सडक़ों के रखरखाव पर खर्च होंगे।
इस आकलन में वे सडक़ें शामिल की गई हैं, जिनका निर्माण पीएमजीएसवाई के पहले और दूसरे चरण में किया गया था। पीडब्ल्यूडी ने ऐसी सडक़ों को रखरखाव के दायरे में रखा है और इन प्रोजेक्ट में करीब 1200 करोड़ रुपए खर्च आने की संभावना है। पीडब्ल्यूडी ने इस बारे में डीपीआर केंद्र सरकार को प्रस्तावित की हैं। हालांकि केंद्र में अभी तक पीएमजीएसवाई के चौथे चरण पर मंथन चल रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय पीएमजीएसवाई पर निर्णय लेगा और उसके बाद राज्य के आधार पर प्रोजेक्ट के आबंटन शुरू हो जाएंगे। केंद्र स्तर पर 100 से अधिक आबादी वाले गांवों को अब सडक़ से जोडऩे की तैयारी चल रही है। हिमाचल में पीडब्ल्यूडी केंद्र से मिल रहे दिशा-निर्देशों पर काम कर रहा है। तीसरे चरण में हिमाचल को 3100 करोड़ रुपए मिले थे





