80 फीसदी से ज्यादा ट्रकों की किस्तें बैंकों में नहीं हो पाई हैं जमा, ट्रक ऑपरेटरों का गुड्स टैक्स भी होगा जमा

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

17 फरवरी 2023

दाड़लाघाट में अंबुजा प्लांट पर तालाबंदी को  63 दिन पूरे हो गए हैं। मुख्यमंत्री से कई बैठकों के बाद भी मामला सुलझ नहीं पाया है।  80 फीसदी से ज्यादा ट्रकों की किस्तें बैंकों में जमा नहीं हो पाई हैं। दाड़लाघाट, अर्की और आसपास के करीब आधा दर्जन बैंकों का दो माह से 22 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। बैंकों से लगातार ट्रक ऑपरेटरों को नोटिस और फोन आ रहे हैं। ऐसे में इन दो माह में ट्रक ऑपरेटरों की हालत खराब हो चुकी है।अप्रैल में ट्रक ऑपरेटरों का गुड्स टैक्स भी जमा होगा। इसमें एक ट्रक का टैक्स छह से 18 हजार रुपये तक होता है। एसडीटीओ के पूर्व प्रधान रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि बैंकों की किस्तें दो माह से रुकी पड़ी हैं। गुड्स टैक्स, बीमा समेत अन्य टैक्स का समय आ गया है। कंपनी नहीं खुली तो हालात गंभीर होंगे।

दाड़लाघाट में प्रत्येक ट्रक ऑपरेटर बीते दो माह में दो लाख के करीब नुकसान झेल चुके हैं। रोजाना एक ट्रक ऑपरेटर 3,000 रुपये का नुकसान झेल रहा है, क्योंकि हर ऑपरेटर को प्रतिमाह 90 हजार से ज्यादा का काम मिलता था। दाड़लाघाट से सीमेंट के अलावा क्लींकर की सप्लाई भी ट्रकों में ही जाती थी, जिसका उन्हें अच्छा खासा मालभाड़ा मिलता था। मगर दो माह से ट्रकों के खड़े होने से अब उनका नुकसान बढ़ता जा रहा है।

दाड़लाघाट में करीब 200 दुकानें हैं, जो पूरी तरह से सीमेंट प्लांट पर निर्भर हैं। प्लांट में तालाबंदी के बाद अब तक 60 फीसदी दुकानों पर ताले लटक चुके हैं। इनमें मेकेनिक, स्पेयर पार्ट, टायर पंचर, ढाबे और वेल्डिंग की दुकानें शामिल हैं। शुरुआत में इन लोगों ने यह सोचकर दुकानें बंद की थीं कि जल्द मामला सुलझ जाएगा, मगर अब दो माह से अधिक समय बीतने पर भी मामला नहीं सुलझ पाया है। ऐसे में कई दुकानदार स्थायी तौर पर अपनी दुकानें बंद कर चले गए हैं।

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

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