हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के कर्मचारियों को सचिवालय में नियुक्ति देने पर जांच एजेंसियां नाराज

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

22 जनवरी 2023

पेपर लीक मामले के बीच हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के दो कर्मचारियों को शिमला सचिवालय में नियुक्ति देने पर जांच एजेंसियां नाराज हैं। जांच एजेंसियों की नाराजगी के बाद शनिवार को आयोग के ओएसडी जितेंद्र सांजटा ने सरकार को चिट्ठी लिखी है। इसके माध्यम से सरकार से पूछा है कि जांच प्रक्रिया के बीच दोनों कर्मचारियों को आयोग रिलीव करना है या नहीं सरकार से जवाब मिलने के बाद दोनों कर्मचारियों को आयोग से भारमुक्त किया जाएगा। आयोग से सचिवालय भेजे गए दो कर्मचारियों में जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर नेहा कुमारी और राजेश कुमार हैं। एक कर्मचारी का रिश्तेदार सचिवालय में सेवारत है। कामकाज निलंबन के बीच आयोग के दो कर्मचारियों को सचिवालय में नियुक्ति देने से सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुरू में आयोग के कामकाज को निलंबित कर यह दावा किया था कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

अभी तक भर्ती परीक्षा लीक मामले की एसआईटी और विजिलेंस जांच कर रही हैं। 23 दिसंबर, 2022 को जेओए आई भर्ती परीक्षा लीक मामले का हमीरपुर विजिलेंस टीम ने खुलासा किया था। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर के पेपर भी लीक होने का खुलासा हुआ। सचिव के खिलाफ मामला दर्ज करने को अनुमति नहीं मिल रही है। करीब 20 अन्य भर्तियों की शिकायतें भी विजिलेंस को मिली हैं। अभी तक विजिलेंस और एसआईटी ने जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश करना है। इसी बीच, दो कर्मचारियों का शिमला सचिवालय में तबादला करना समझ से परे है। कर्मचारियों को अभी दिसंबर का वेतन भी नहीं मिला है, क्योंकि डीडीओ पॉवर उपसचिव के पास थीं। सरकार ने सचिव और उपसचिव को यहां से हटा दिया है।

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