
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
15 फरवरी 2023
देश के हिमालय से सटे क्षेत्रों समेत चीन, नेपाल और पाकिस्तान के कुछ क्षेत्रों में दिमागी शक्ति को बढ़ाने में कारगर प्राकृतिक रूप से उगने वाली एनोकी मशरूम अब देशभर में तैयार हो सकेगी। इस मशरूम को तैयार करने के लिए खुंब अनुसंधान निदेशालय शोध कर रहा है। यह गुच्छी मशरूम की एक प्रजाति है। इसमें कई औषधीय गुण मौजूद हैं। वर्तमान में यह मशरूम सिर्फ 14 डिग्री तापमान तक ही उगती है। वैज्ञानिक इसे 20 से 22 डिग्री पर तैयार करने पर शोध कर रहे हैं। शोध में सफलता मिलने पर इस मशरूम को किसी भी मौसम में तैयार किया जा सकेगा। हालांकि अभी तक एनोकी मशरूम का उपयोग जापानी, चीनी और कोरियाई व्यंजनों में ही किया जाता है।
ये हल्के स्वाद और कुरकुरी बनावट के साथ लंबे, पतले, सफेद कवक होते हैं, जो आमतौर पर सलाद, स्टिर-फ्राइज और दूसरे व्यंजनों में इस्तेमाल किए जाते हैं। एनोकी मशरूम को दुनिया के कई क्षेत्रों में उनके चिकित्सीय गुणों की वजह से भी महत्व दिया जाता है। सुनहरे रंग की यह मशरूम प्राकृतिक रूप से पेड़ के ठूंठों पर उगती है। इस मशरूम में कई औषधीय गुण हैं। इस मशरूम के खाने से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। खुंब निदेशालय के वैज्ञानिक इसे लकड़ी के बुरादे पर तैयार कर रहे हैं। यही नहीं, इसे सफेद रंग देने पर भी शोध किया जा रहा है, ताकि सुंदर दिखने के साथ-साथ इसकी बाजार में मांग भी बढ़े।
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*





