
#खबर अभी अभी दिल्ली ब्यूरो*
16 फरवरी, 2023
ऑल इंडिया इंडक्शन फर्नेसिस एसोसिएशन देश भर के क्षेत्रीय उद्योग संगठनों के साथ मिलकर आज दिल्ली में एकत्र हुई। इनका सरकार से अनुरोध है कि धातु स्क्रैप पर जीएसटी संरचना को तर्कसंगत किया जाए, जो कि भारत में लोहे तथा स्टील क्षेत्र के लिए एक अहम् मुद्दा है। जीएसटी काउंसिल इस मामले में उचित फैसला लेने के लिए एक सक्षम प्राधिकरण है। उल्लेखनीय है कि इनकी अगली बैठक इसी माह होने की उम्मीद है। इंडक्शन फर्नेस क्षेत्र का भारत के कुल स्टील उत्पादन में लगभग 35% का योगदान रहता है। AIIFA के साथ मिलकर सरकार के सामने यह अनुरोध रखने में जो संगठन इस उद्योग का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनमें इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन मंडी गोबिंदगढ़, इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन ऑफ़ नॉर्थ इंडिया, स्टील मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ़ महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश स्टील इंडस्टीज़ एसोसिएशन और आयरन एंड स्टील रीरोलर्स एसोसिएशन, इंदौर, मध्य प्रदेश शामिल हैं।
स्क्रैप स्टील उद्योग, जो इंडक्शन फर्नेस रूट द्वारा स्क्रैप स्टील को रिसाइकिल करके स्टील का उत्पादन करता है, अपना कच्चा माल स्क्रैप डीलरों से प्राप्त करता है। उद्योग जांच के अधीन है, क्योंकि स्क्रैप डीलरों को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने का दोषी पाया गया है। अब, जिस हद तक इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया गया है वह अनियमित है, कर का भुगतान, जितना होना चाहिए था उससे कम है जो अंततः सरकार के लिए राजस्व की हानि का कारण बनता है। हालांकि, सरकारी निकायों ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के कारण कर चोरी को रोकने के प्रयास किए हैं, इन निकायों द्वारा की गई कार्रवाइयों से निर्माताओं के सामने कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी आई हैं।
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