
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन
22 मार्च 2023
देश में इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के बीच इनएक्टिवेटिड इन्फ्लूएंजा वैक्सीन के नौ बैच को सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (सीडीएल) कसौली से ग्रीन टिक मिला है। ये बैच जनवरी में यहां पहुंचे थे। इसके बाद प्रयोगशाला में इनका परीक्षण किया गया और अब तक नौ बैच को सीडीएल ने पास कर कंपनी को भेज दिया है। अब कंपनी इन बैच को बाजार में उतारेगी। बुखार, जुकाम जैसे लक्षणों से पीड़ित बच्चों और भारत में बनने और आयात-निर्यात होने वाली हर वैक्सीन सबसे पहले जांच के लिए सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी कसौली पहुंचती है।
यहां वैक्सीन की गुणवत्ता और क्षमता को जांचा जाता है। लैब में गहनता से इसका परीक्षण होने के बाद मान्यता दी जाती है, जिसके बाद ही वैक्सीन को बाजार में उतारा जाता है। कोरोना काल में भी सीडीएल के विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने वैक्सीन को लेकर बेहतर कार्य किया है।
इनसेट
सीडीएल कसौली में मस्तिष्क ज्वर की मेनिंगोकोकल वैक्सीन का सैंपल फेल हो गया है। इस वैक्सीन के बैच को बाजार में कंपनी नहीं उतार सकेगी। बताया जा रहा है कि गाजियाबाद की बायोमैड कंपनी का सैंपल जांच के लिए सीडीएल आया था। जो मानकों पर खरा नहीं उतरा है। इस बारे में कंपनी को सीडीएल की ओर से बता दिया गया है।वयस्कों को इस वैक्सीन से फायदा मिलेगा। यह इन्फ्लूएंजा वायरस की अग्रिम स्तर की वैक्सीन है, जो व्यक्ति में वायरस के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है
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