# चीन से लड़ने ताइवान खरीदेगा 400 एंटी-शिप हारपून मिसाइल #ये जमीन से हमला करने में माहिर|

ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन

19 अप्रैल 2023

ताइवान अमेरिका से 400 एंटी-शिप हारपून मिसाइल खरीदेगा। जमीन से मार करने वाली इन मिसाइल का इस्तेमाल वो चीन का मुकाबला करने के लिए करेगा। अमेरिका ने 7 अप्रैल को 400 एंटी-शिप मिसाइलों के लिए 1.17 बिलियन डॉलर (96 हजार करोड़ रुपए) के कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा की थी। हालांकि, इस दौरान पेंटागन ने ये नहीं बताया था कि कॉन्ट्रैक्ट किस देश के साथ साइन किया गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मिसाइलों का खरीददार ताइवान ही है।

कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा के साथ पेंटागन ने बताया कि मिसाइलों का प्रोडक्शन 2029 तक पूरा हो जाएगा। इससे पहले ताइवान शिप से लॉन्च होने वाली हारपून मिसाइलें भी खरीद चुका है। इन्हें अमेरिका की बोइंग कंपनी ने बनाया था। ब्लूमबर्ग ने US-ताइवान बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष रूपर्ट हैमंड-चैम्बर्स का हवाला देते हुए बताया कि एंटी-शिप मिसाइल के लिए भी बोइंग के साथ डील की गई है।

वहीं इस कॉन्ट्रैक्ट से पहले कंपनी को हारपून कोस्टल डिफेंस सिस्टम से जुड़े लॉन्च इक्विपमेंट बनाने का भी 498 मिलियन डॉलर (4 हजार करोड़) का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इसमें मोबाइल ट्रांसपोर्टर, रडार और ट्रेनिंग उपकरण शामिल हैं। पेंटागन ने इस मामले में कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिका ताइवान को उसकी रक्षा के लिए जरूरी डिफेंस सर्विसेज देता रहेगा।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुन ली-फांग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मंत्रालय ने पहले ही इस खरीद को लेकर जानकारी दी थी। हमें पूरा भरोसा है कि डील तय कार्यक्रम के मुताबिक पूरी होगी। ताइवान 2020 में भी अमेरिका से हारपून मिसाइल खरीदने की इच्छा जाहिर कर चुका है।

ये 9 अप्रैल की फुटेज है। इसमें ताइवान के पास हो रहे चीन के युद्धाभ्यास को देखा जा सकता है।

चीन ने 8 अप्रैल को ताइवान के फुजियान प्रांत के पिंगटन आईलैंड के पास 4 इलाकों में मिलिट्री ड्रिल शुरू की थी। तीन दिन की ड्रिल में कुल 172 चीनी फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी थी। इस दौरान चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने लाइव गोला-बारूद का इस्तेमाल किया था। दरअसल चीन, ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन की अमेरिका के स्पीकर मैकार्थी से मुलाकात के बाद से भड़का हुआ था।

चीन ने दो अमेरिकी संस्थाओं पर भी बैन लगा दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्हीं दो संस्थाओं ने राष्ट्रपति साइ इंग वेन की अमेरिकी यात्रा की प्लानिंग की थी। इन संस्थाओं में कैलिफोर्निया की रोनाल्ड रीगन लाइब्रेरी भी शामिल है।

ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन

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