
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
4 जून 2023

हिमाचल प्रदेश अचल संपत्ति नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रमोटर के स्वीकृत योजनाओं के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में अहम निर्णय सुनाया है। रेरा ने अपने निर्णय में कहा कि प्रमोटर स्वीकृत योजना, लेआउट योजना, भवनों के विनिर्देश और सामान्य क्षेत्र में परिवर्तन नहीं कर सकता है। इसके लिए आवंटियों की दो-तिहाई सहमति लेना जरूरी है। बड़ोग बाईपास बीटीएम सोसायटी की स्वीकृत योजना को बिना अनुमति के बदलाव पर रोक लगा दी है। श्रीकांत बाल्दी की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि सड़क परियोजना का सामान्य क्षेत्र है और प्रत्येक आवंटी का इस पर आनुपातिक अधिकार है। बिना आवंटियों की सहमति से सड़क क्षेत्र में बदलाव नहीं हो सकता है।
बड़ोग बाईपास बीटीएम सोसायटी ने प्रमोटर के खिलाफ कॉमन एरिया में बदलाव करने की शिकायत दर्ज की थी। आरोप लगाया गया था कि प्रोजेक्ट के निदेशक अशोक कुकरेजा ने बिना आवंटियों की अनुमति के पड़ोसी नरेंद्र कुमार को सड़क का इस्तेमाल करने के बारे में अनुबंध कर दिया। उसके एक महीने के बाद नरेंद्र कुमार ने अपने प्लॉट को एमएम कंपनी को बेच दिया और प्रोजेक्ट की सड़क के इस्तेमाल का अधिकार भी दे दिया। रेरा के समक्ष बीटीएम सोसायटी ने दलील दी कि कंपनी की ओर से सड़क का इस्तेमाल किया जाना गलत है। कंपनी ने सड़क पर निर्माण सामग्री भी रखी है। प्राधिकरण ने मामले से जुड़े तथ्यों और नियमों के आधार पर प्रमोटर पर किसी भी बदलाव करने की रोक लगा दी है।
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*





