पानी और सिंचाई की 1,044 योजनाओं में गाद भरने से पेयजल के लिए मचा हाहाकार

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

27 जून 2023

Due to heavy rains drinking water crisis in Himachal, 1,044 schemes filled with silt

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। पानी और सिंचाई की 1,044 योजनाओं में गाद भरने से पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है। राजधानी शिमला के कुछ क्षेत्रों में तो चौथे दिन सोमवार को भी पीने का पानी नहीं मिला। लोग टैंकर मंगवाकर पानी का इंतजाम कर रहे हैं।

यही नहीं, जगह-जगह भूस्खलन की वजह से प्रदेश भर में 301 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हो गई हैं। बिजली के 140 ट्रांसफार्मर बंद हैं। रविवार रात को मंडी के बागी नाला में बादल फटने से आई बाढ़ से कुल्लू-मनाली एनएच पर हजारों पर्यटक फंस गए। बच्चों के साथ वाहनों में ही इन्हें रविवार की रात बितानी पड़ी। साढ़े 21 घंटे बाद साेमवार दोपहर बाद 4:30 बजे तक वनवे आवाजाही ही यहां बहाल हो पाई।

किरतपुर-नेरचौक फोरलेन भी सोमवार को प्रभावित रहा। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के लिए प्लम लेकर निकलीं करीब 100 गाड़ियां यहां फंसी हुई हैं। कुल्लू-मंडी के बीच नेशनल हाईवे बंद होने से सोमवार सुबह कुल्लू में दूध, अखबार और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति नहीं हो पाई। कालका-शिमला के बीच आठ अप और डाउन ट्रेनें भी सोमवार को रद्द हो गईं।राजधानी शिमला में सोमवार दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। शहर में करीब एक घंटा 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। नाहन, सोलन, मनाली ऊना और भुंतर में भी मूसलाधार बारिश हुई है। मंडी के बागी नाला में बादल फटने से आई बाढ़ के चलते एक स्कूल भवन ढह गया। शिक्षा विभाग को इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। नाले के बहाव में एक महिला गोशाला समेत बह गई हैं। इनका अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। बिलासपुर जिले में मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। झंडूता की आधा दर्जन पंचायतों में मक्की की फसल बह गई है।

मानसून की दस्तक के तीन दिन के भीतर 102.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जलशक्ति विभाग को इससे 73.68 करोड़ और लोक निर्माण विभाग को 27.79 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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