
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
17 जुलाई 2023
फर्ज के लिए अपनी जान जोखिम में हर कोई नहीं डालता, वर्दी तो कइयों के बदन पर है पर उस वर्दी का कर्ज उतारने का जज्बा हर किसी में नहीं होता। अपने फर्ज ओर लोगों की ज़िंदगी बचाने का जो जज्बा जो जनून देवभूमि के सपूत ओर हिमाचल पुलिस के अधिकारी डीएसपी लखवीर सिंह में है वो विरले पुलिस जवानों में ही होता है। रविवार को पहाड़ी इलाके में हुई बारिश के बाद सरसा नदी के उफान में फंसे मासूम की जान बचाने को उफनती लहरों में लखवीर सिंह अकेले की कूद गए। जैसे ही सरसा नदी के उफान में मासूम बच्चे के फंसे होने की सूचना बद्दी पुलिस को मिली डीएसपी बद्दी लखवीर सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मासूम की ज़िंदगी खतरे में देख डीएसपी लखवीर सिंह अकेले ही रेस्क्यू करने सरसा नदी में उतर गए। हेडरा मशीन ओर मशीन हेल्परों की मदद से लखवीर सिंह सरसा नदी में उतरे और पत्थर पर फंसे मासूम को निकाल लाये।
लखवीर सिंह ने न तो सरसा नदी के तेज बहाव की प्रवाह की ओर न ही खुद की ज़िंदगी की फिक्र। सरसा नदी के उफान में फंसे मासूम को हेडरा मशीन की मदद से लखवीर सिंह ने मासूम सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस ऑपरेशन में क्रेन के साथ आये हेल्परों ने भी मदद की।
गौरतलब है के वर्ष 2019 में बद्दी में बतौर एसएचओ रहते मानपुरा में भूस्खलन के चलते एक मकान के धंसने से परिवार लोग अंदर दब गए थे। उस समय भी लखवीर सिंह ने अपनी जान की प्रवाह किये बिना मकान के मलबे में दबी महिला को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला था। वहीं 7 घन्टे के रेस्क्यू ऑपरेशन में महिला को सुरक्षित निकालने के साथ साथ मलबे में दवे शवों को भी बाहर निकला गया था। उस रेस्क्यू ऑपरेशन में लखवीर सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी।
आज फिर एक बार लखवीर सिंह ने अपनी जान की प्रवाह किये बगैर अपना फर्ज निभाते हुए तेज बहाब में फंसे मासूम को बचाकर बहादुरी का परिचय दिया। अदम्य साहस और जज्बे के लिए लखवीर सिंह को डीजीपी डिस्क अवार्ड से नवाजा जा चुका है।
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*





