मलाणा प्रोजेक्ट में बंद पड़े डैम के गेट को खोलने का कार्य फिर से शुरू

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

25 जुलाई 2023

 जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के मलाणा प्रोजेक्ट में बंद पड़े डैम के गेट को खोलने का कार्य मंगलवार को फिर से शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से यहां पर एनडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया गया है और टीम परियोजना प्रबंधन के साथ मिलकर बंद पड़े गेट को खोलने का काम कर रही है। वहीं मलाणा नाले का पानी डैम के ऊपर से बह रहा है लेकिन पानी लगातार बहने के चलते किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। ऐसे में जिला प्रशासन लगातार इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। बीते सोमवार को मलाणा में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट चरण 2 के डैम के गेट गाद होने के कारण बंद हो गए। जिसके चलते पानी ओवरफ्लो होकर डैम के ऊपर से बहने लगा। ऐसे में डैम के टूटने की भी आशंका बन गई थी। जिसे देखते हुए कुल्लू प्रशासन के द्वारा पार्वती नदी के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। ऐसे में अब डैम के बंद पड़े गेटो को खोलने का भी काम किया जा रहा है।

डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने बताया कि इस बारे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के प्रबंधन से भी बात हुई है और बांध के गेट बंद होने के चलते उन्हें अब ऑपरेट नहीं किया जा रहा है। वही बांध में पानी की मात्रा 30 क्यूसेक है। जिसके चलते अभी घबराने की कोई आशंका नहीं है। ऐसे में एन डी आर एफ की टीम भी लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। गौर रहे कि 100 मेगावाट की क्षमता का  यह डैम मलाणा की पहाड़ी पर बना हुआ है। वही, पार्वती नदी के किनारे कई लोगों के घर भी है। ऐसे में जरी, भुंतर, बजौरा में भी ब्यास नदी के किनारे सैकड़ों रिहायशी इलाके हैं। अगर हाइड्रो प्रोजेक्ट का यह डैम टूटता है तो इससे कई लोगों के घरों और जमीनों को नुकसान होगा।

डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग का कहना है कि प्रशासन ने 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को वहां से सुरक्षित हटा दिया है। इसके अलावा स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया है कि वे नदी नाले किनारे बिल्कुल भी ना जाएं। एनडीआरएफ की टीम भी लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और गेट खोलने के प्रयास जारी हैं।

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