लोकसभा चुनाव में पहली बार नहीं डलेगा प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी का वोट

खबर अभी अभी किन्नौर ब्यूरो
13 मार्च 2024

In memories: First voter Shyam Saran Negi will not cast his vote for the first time in Lok Sabha elections.

देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी का पहली बार इस लोकसभा चुनाव में वोट नहीं डलेगा। पांच नवंबर 2022 को घर से विधानसभा के लिए वोट डालने के दो दिन बाद उनका देहांत हो गया था। चुनाव आयोग ने उन्हें ब्रांड एंबेसडर बनाया था। वोट डालने के लिए उनके लिए रेड कारपेट बिछता था। किन्नौर में भारी हिमपात के चलते पांच महीने पहले सितंबर 1951 में हुए चुनाव में उन्होंने देश में सबसे पहले वोट डाला था। उन्होंने अब तक हुए सभी मतदान में कुल 34 बार वोट डाला था।

टिन के डिब्बे में डाला था अपना पहला मतपत्र
नेगी ने जब पहला वोट डाला था, उस समय मतपेटियों की व्यवस्था नहीं थी। टिन के डिब्बों में पार्टियों के चुनाव चिह्न की फोटोकॉपी चिपकाई गई थी। उस समय 85 फीसदी जनता अनपढ़ थी। उन्हें मतदान प्रक्रिया समझाना बेहद मुश्किल था। चुनाव चिह्न भी ग्रामीण परिवेश के हिसाब से लोगों की समझ में आने वाले दिए गए थे। जैसे कि बैलों की जोड़ी, दीपक, मिट्टी का लैंप।

कैसे बने पहले मतदाता
देश में पहली बार 12 फरवरी 1952 को मतदान हुआ, लेकिन फरवरी में बर्फबारी होने के चलते देश के जनजातीय इलाकों में चार महीने पहले 25 अक्तूबर 1951 को मतदान हुआ। शिक्षक श्याम सरण नेगी की भी पहला चुनाव करवाने की ड्यूटी लगी। सुबह सात बजे से वोट डाले जाने थे। नेगी अपना पहला मत देना चाहते थे, इसलिए मतदान केंद्र कल्पा (चिन्नी) में सुबह 6:00 बजे ही पहुंच गए। 6:10 बजे मतदान अधिकारी पहुंचे और उन्होंने अपना मत देने की इच्छा जताई। बताया िक उनकी दूसरे मतदान केंद्र में ड्यूटी लगी है। ऐसे में उनका सुबह 6:15 बजे पहला वोट डलवाया। इसी वजह से देश के पहले मतदाता बने।

खबर अभी अभी किन्नौर ब्यूरो

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