#एम. एम. यूनिवर्सिटी में नर्सिंग कॉलेज द्वारा अंतराष्ट्रीय नर्सेज दिवस से पहले शुरू हुआ नर्सेज सप्ताह

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

10 मई 2024

एम. एम. यूनिवर्सिटी में नर्सिंग कॉलेज द्वारा इस वर्ष अंतराष्ट्रीय नर्सेज डे 2024 की थीम हमारी नर्सें हमारा भविष्य देखभाल की आर्थिक शक्ति पर नर्सेस की खास अहमियत की सराहना के लिए नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका पर आधारित “अंतर्राष्ट्रीय नर्स सप्ताह” समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें विशिष्ट अतिथि कुलपति डॉ. सतेंद्र सिंह मिन्हास, रजिस्ट्रा अजय सिंगल, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ रवि शर्मा, मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट डॉ मनप्रीत सिंह नंदा, डॉ. जसदीप सिंह संधू (प्रोफेसर और वाइस प्रिंसिपल), खिमांशु डोगरा (नर्सिंग अधीक्षक) आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल हरप्रीत कौर ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स सप्ताह -2024 समारोह में उपस्थित सभी गणमान्यों का स्वागत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि डॉ. रमन कालिया (निदेशक/प्रिंसिपल), सरस्वती नर्सिंग इंस्टीट्यूट, कुराली (पंजाब), का स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ समारोह का शुभारम्भ किया गया।

अपने उद्बोधन में डॉ. रमन कालिया ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग सप्ताह की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, देखभाल की आर्थिक शक्ति” है, जो स्वास्थ्य देखभाल वितरण और अर्थव्यवस्था में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस प्रत्येक वर्ष 12 मई को मनाया जाता है। रोगी को अपना जीवन समर्पित करने, उन्हें ठीक करने और उनकी देखभाल करने के लिए हर समय तैयार रहना नर्स की महानता को दर्शाता है। एसे समय में नर्सिंग क्षेत्र में निवेश की महती आवश्यकता है। इसके बाद सभी नर्सिंग की छात्राओं ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल, लेडी विद द लैंप के सम्मान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। छात्रों का नेतृत्व मुख्य अतिथि डॉ. रमन कालिया, खिमांशु डोगरा (नर्सिंग अधीक्षक), हरप्रीत कौर, (वाइस प्रिंसिपल), नेहा पटयाल (एसोसिएट प्रोफेसर) ने किया। तदोपरांत, छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जैसे क्विज़ प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और रंगोली प्रतियोगिता इतियादी। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी शोभा बढ़ाई गई, जिसमें शास्त्रीय नृत्य, हरियाणवी नृत्य, अरुणाचल प्रदेश की जोड़ी, पंजाबी नृत्य और स्टाफ नर्सों द्वारा प्रस्तुत नाटी आदि भी शामिल थे।

समारोह में रजिस्ट्रार अजय सिंगल द्वारा भी छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी मरीज को ठीक करने में जितना योगदान एक डॉक्टर का होता है, उतना ही योगदान नर्स का भी होता है। मरीजों को वक्त पर दवाई देने से लेकर दिन-रात उनका ध्यान रखने तक नर्सेस भी बीमार लोगों को जीवन दान देने में अपनी अहम भूमिका निभाती हैं. मेडिकल सेक्टर में नर्सेस की अपनी एक अलग ही अहमियत है। कोरोना महामारी के दौरान हम सभी ने देखा कि जब दवा काम नहीं कर रही थी, तब सिर्फ सेवा ही काम कर रही थी। उस दौरान नर्सों ने लाखों लोगों की जान बचाई थी अपनी जान की परवाह किए बगैर मरीजों का इलाज किया था। कुलपति डॉ. सतेंद्र सिंह मिन्हास ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा में नर्स अपरिहार्य हैं। नर्सें हमारे चिकित्सा संस्थानों में एक आवश्यक भूमिका निभाती हैं जैसे कि मरीजों की सुरक्षा या मदद देना आदि। कोई संदेह नहीं है जब रोगी को देखभाल की आवश्यकता होती है तो नर्स व्यक्ति की जरूरतों की पहचान करने और उनकी रक्षा करने के लिए अथक प्रयास करती हैं।

नर्सों के पास भी असीम ज्ञान होता है और उनके पास कई कौशल होते हैं जो वे एक संगठन में पूर्णता और विकास के लिए खर्च करते हैं। ज्यादातर समय नर्स कठिन वातावरण में काम करती हैं जहां अत्यधिक तनाव उनकी नौकरी का एक हिस्सा है। विश्वविद्यालय के माननीय चांसलर तरसेम गर्ग ने भी नर्सेज के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बिना नर्स के समूचा चिकित्सा तंत्र अधूरा है क्योंकि वह अस्पतालों की रीढ़ होती हैं। वे अपने कर्तव्य, समर्पण और प्रतिबद्धता से चिकित्सीय पेशे का संचालन करती हैं। समारोह के अंत में नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल श्रीमती हरप्रीत कौर ने सभी गणमान्यों का उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद किया और कहा कि आप सभी का सहयोग हमें प्राप्त हुआ है, उससे हम अभिभूत हैं और आपके निरंतर सहयोग के लिए हम अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

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