
ख़बर अभी अभी शिमला ब्यूरो
05 जून 2024
कांग्रेसी शिमला संसदीय सीट को जहां मोदी मैजिक के चलते अत्यंत चुनौतीपूर्ण मान रहे थे, तो वहीं सरकार की इतनी बड़ी ताकत यहां झोंकने के कारण काफी हद तक सहज भी समझ रहे थे। जनता ने कांग्रेस के तमाम मनसूबों पर पानी फेर दिया। खासकर जिला सोलन की जनता बीजेपी करी जीत में मील का पत्थर साबित हुई है। सोलन से बीजेपी को ईवीएम वोटिंग में 52106 मतों की लीड मिली है।
5 विस क्षेत्र सोलन, कसौली, नालागढ़, दून ■ व अर्की के 52 राउंड में केवल 4 राउंड ही ऐसे – नजर आए जहां कांग्रेस कैंडिडेट विनोद सुल्तानपुरी को लीड मिली। विधायक होने के बावजूद अपने हलके कसौली से भी लीड नहीं मिली। मत्रियों और विधायकों की साख के चलते कांग्रेस के लिए यह सीट जीतना बेहद महत्वपूर्ण थी। यही एक बड़ी वजह रही कि प्रदेश सरकार ने यहां अपनी पूरी फौज तो लगा दी। बीजेपी कैंडिडेट सुरेश कश्यप के खिलाफ यहां एंटी इनकंबेंसी का शोर रहा, लेकिन कांग्रेस इसे भी अपने वोट में तब्दील करने में असफल हो गई। नतीजों के बाद सियासी गलियारों में कांग्रेस की हार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस हार से जहां सरकार के इन मंत्रियों व विधायकों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं ये चर्चा भी हो रही है की चुनाव जीतने के लिए ग्राउंड वर्क में कमी दिखाई दी। कार्यकर्ताओं से तालमेल भी हार का कारण बना है। कई नाराज कांग्रेसियों ने यह तक कहने से गुरेज नहीं किया की जीत कैसे होती, जहां सारा कंट्रोल ही कुछ खास कार्यकर्ताओं के पास हो। आम कार्यकर्ताओं तक तो सूचना ही नहीं मिल पाई। कब कौन सा बड़ा लीडर कहां आया। चर्चा में ये भी सामने आया कि खुद कैंडिडेट सोलन में कम नजर आए। कैंडिडेट का प्रचार प्रसार भी कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित रहा। आम कार्यकर्ता तो कॉल करते ही रह गए। कुछ कांग्रेसी कुंठित मन से ये भी कह गए की चुनाव में मोबिलाइजेशन की कसर रह गई। अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है की स्वास्थ्य मंत्री सोलन से हैं, लेकिन प्रचार में न तो उनके बैनर नजर आए न ही सीट को जीतने के कोई टिप्स उनसे लिए गए। मोबिलाइजेशन की कसर रही तभी तो विस क्षेत्र में मंत्री, सीपीएस और विधायक होने के बाद कांग्रेस लीड हासिल करने से चूक गई।
■ जिला सोलन के 52 हजार मतों ने दिलाई कश्यप को जीत, अपने हलके से भी लीड नहीं ले पाए सुल्तानपुरी
दोनों हलकों में यूं रही लीड
साल 2019 के चुनाव में बीजेपी ने जिला सोलन से करीब एक लाख मतों से विजय हासिल की। इस दफा बीजेपी को सोलन जिला से पिछली बार की अपेक्षा वोट तो नहीं मिले, लेकिन जिला के हर विधानसभा क्षेत्र से बढ़त जरूर मिली। अर्की विस क्षेत्र से सबसे ज्यादा लीड 15484 मतों से मिली, जबकि नालागढ़ दूसरे नंबर पर रहा। यहां बीजेपी ने कुल 15164 से लीड हासिल की। दून से 13082, सोलन से 5016 व कसौली से सबसे कम 3360 मतों से बढ़त हासिल की।





