
इफको द्वारा कनैड पंचायत में फसल विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इफको एवं ग्राम पंचायत कनैड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में इफको के राज्य विपणन प्रबंधक भुवनेश पठानिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरक्त की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला परिषद मंडी एवं समाजसेवी चमन राही ने की। पंचायत प्रधान विशम दास, इफको के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित गलोटिया, इफको से आए धर्मेंद्र, पुनीत, अजय और खेम राज व उनके सहित 400 से अधिक किसान उपस्थित रहे। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर बेहतर काम करने वाले पुरस्कृत लोगों को सम्मानित भी किया गया। पूर्व जिला परिषद चमन राही ने बताया कि खेतीबाड़ी के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता परमानंद चौधरी, पूर्व कृषि उपनिदेशक खूब राम चौहान, पूर्व शिक्षा उप निदेशक एसआर बंसल, देश की सबसे छोटी उम्र में पंचायत प्रधान रही जबना चौहान, डीआरडीए के पूर्व जिला अधिकारी टीएल चंदेल, सेवानिवृत्त सूबेदार बिहारी नायक, बागबानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उद्यान उद्यमी यशवंत गुलेरिया, समाजसेवी चंद्रवीर कागरा, निष्पक्ष पत्रकारिता के क्षेत्र में अनिल शर्मा, खेल के क्षेत्र में सफदर अली, शिक्षा के क्षेत्र मौलवी नूर अहमद, इंजीनियर अश्वनी कुमार अवरोल, संस्कृति संरक्षण में नागेंद्र भारद्वाज, कृषि जागरूकता के लिए उमेश ठाकुर, पूर्व उप महाप्रबंधक इफको लाल कंवर, स्वयंसेवी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए चमन लाल गौतम, अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए सन्नी ईपन, दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सादिक मोहम्मद, भूपेंद्र ठाकुर व नरेश कुमार, पंचायती राज संस्थाओं के संयोजक गोविंद्र वर्धन, पूर्व पंचायत प्रधान रमा को सम्मानित किया गया। वहीं नौणी यूनिवर्सिटी के प्रशिक्षुओं को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर यूनिवर्सल मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
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कार्यक्रम में इफको के राज्य विपणन प्रबंधक द्वारा नैनो यूरिया ओर डीएपी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूरिया के प्रयोग को कम कर इफको नैनो यूरिया के प्रयोग को बढ़ाने के लिए फसलों में यूरिया की मात्रा आधा करके पहले पानी के 15 से 20 दिन बाद यूरिया दानेदार की जगह इफको नैनो यूरिया तरल 4-5 मिली प्रति लीटर पानी में प्रयोग कर नैनो यूरिया के प्रयोग से खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य, पानी की गुणवत्ता तथा पर्यावरण को बचाते हुए कम लागत में अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। नैनो डीएपी का इस्तेमाल बुवाई के समय 5 एमएल प्रति एक किलो बीज के साथ कर सकते है, जिससे 12.32.16 की खाद का कम इस्तेमाल किया जा सकता है और जिससे मिट्टी के स्वास्थ्य भी बना रहेगा। नैनो मॉडल क्लस्टर की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि डुगराई पंचायत को इस स्कीम के तहत चुना गया है, जिसमें चयनित किसान 25 प्रतिशत अनुदान पर नैनो यूरिया, डीएपी ओर सागरिका इफको किसान सेवा केंद्र से खरीद सकते है। सभा में जिला अधिकारी इफको रोहित ग्लोटिया ने सागरिका दानेदार एवं सागरिका लिक्विड के बारे में जानकारी दी।





