
खबर अभी अभी ब्यूरो
सोलन
प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना को लेकर सोलन आत्मा परियोजना सोलन द्वारा एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें किसानों ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने को कहा है उन्होंने कहा कि उपनिदेशक आत्मा प्रोजेक्ट सोलन प्रियंका खंडवाला ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्राकृतिक खेती पर विशेष बल देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 15 करोड रुपए के बजट का प्रावधान किया है इसमें पूरे देश में गेहूं मक्का के लिए सबसे अधिक 40 और ₹30 का समर्थन मूल्य तय किया गया है इसके तहत प्राकृतिक खेती किसान परिवार से 20 क्विंटल तक अनाज खरीदा जा रहा है उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अप्रैल 2018 से विधिवत तरीके से शुरू की जा रही है जिला सोलन में 1915.642 हेक्टेयर भूमि में प्राकृतिक खेती की जा रही है जिला सोलन में अभी तक लगभग 620 प्रशिक्षण शिविर लगाए जा चुके हैं जिसमें 13077 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है और 12670 किसानों ने विधिवत रूप से प्राकृतिक खेती को अपना लिया है इन किसानों का सितारा पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण एवं प्रमाणीकरण किया जाता है सोलन में आज तक 10000 किसानों को प्रमाणित किया जा चुका है जिला में ऐसे बहुत से सफल किसान है जो रासायनिक खेती को दरकिनार कर प्राकृतिक खेती करते हैं जिसमें आज मशीवर पंचायत से शैलेंद्र शर्मा बागुड़ी से सुरेंद्र कुमार और दंगील पंचायत से कई किसान पहुंचे थे जिन्होंने अपने प्राकृतिक खेती के एक्सपीरियंस को साझा किया उन्होंने कहा कि हमारी भूमि की उर्वरा शक्ति बड़ी है हमें बहुत लाभ हो रहा है और इसके लिए हम गोमूत्र और गोबर का इस्तेमाल कर जीवामृत और घटा अमृत बना रहे हैं जिससे हमारी जो सब्जियां हैं उसकी लाइफ बढ़ जाती है और हमें मार्केट में उसके अच्छे दाम मिल रहे हैं उन्होंने कहा कि सभी किसानों को आने वाले समय में प्राकृतिक खेती से जुड़ना चाहिए और रासायनिक पदार्थ का कम से कम इस्तेमाल करते हुए हमारी भूमि उपजाऊ रहती है। इस अवसर पर डॉक्टर लीजा राठौर उप परियोजना निदेशक सोलन, कोषाध्यक्ष, राजेंद्र प्रकाश और अन्य लोग उपस्थित रहे





