
खबर अभी अभी ब्यूरो
एडीएम रोहित राठौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मन, कर्म, वचन और ध्यान के माध्यम से नशे पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, विशेष रूप से सिंथेटिक ड्रग्स जैसे चिट्टा के खतरों पर प्रकाश डाला। अपने अनुभव सांझा करते हुए उन्होंने कहा कि आत्म-अनुशासन और दृढ़ निश्चय से नशे की लत पर काबू पाया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि पुनर्वास केंद्र नशामुक्ति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर एडीएम रोहित राठौर ने विद्यार्थियों को जीवन में नशे का प्रयोग न करने की शपथ दिलाई।
महाविद्यालय की प्राचार्या, प्रोफेसर सुरीना शर्मा ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर खतरा है, लेकिन सकारात्मक प्रयासों से भटके हुए युवाओं को पुनः मुख्य धारा में लाया जा सकता है।
इस अवसर पर, नशे की लत से उबर चुके युवा पंकज कुमार ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि समाज की मदद से नशे की चपेट में आए युवाओं को वापस सही मार्ग पर लाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इस पर नियंत्रण आवश्यक है।
ब्रह्मकुमारी समाज से बीके सिस्टर ने अध्यात्म से नशा मुक्ति विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अध्यात्म, आत्मविश्लेषण, मानसिक शक्ति और संकल्प शक्ति के माध्यम से युवा नशे से दूर रह सकते हैं।
मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर बिपाशा कश्यप ने कहा कि मजबूत पारिवारिक और सामाजिक संबंध, उद्देश्यपूर्ण जीवन और सृजनात्मक कार्य नशे से बचाव में सहायक होते हैं। उन्होंने सकारात्मक डोपामिन के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिससे जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस हॉस्पिटल, मंडी के मनोवैज्ञानिक डॉ. राजीव कुमार ने भी अपने बहुमूल्य विचार विद्यार्थियों के साथ सांझा किए।
एंटी-ड्रग प्रोग्राम के अंतर्गत महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता, चित्र लेखन प्रतियोगिता, एकल गीत प्रतियोगिता, लोको नाटिका, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलीयों का आयोजन किया गया।
भाषण प्रतियोगिता में बीएड की छात्र ज्योति ठाकुर प्रथम, उर्मिता ठाकुर ने द्वितीय व दीपांशी ने तृतीय स्थान अर्जित किया।
चित्र लेखन प्रतियोगिता में ध्रुव मेहता प्रथम, उर्मिता ठाकुर द्वितीय व राधिका शर्मा ने तृतीय स्थान अर्जित किया।
एकल गीत में
उषा प्रथम व शिवम द्वितीय स्थान पर रहे।
नशे के दुष्प्रभाव पर आधारित लघु नाटिका में मुकेश राज एवं समूह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सहायक प्रोफेसर शिवेंद्र के मार्गदर्शन में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में अमन एवं समूह ने प्रथम स्थान अर्जित किया।
आशा एवं समूह ने द्वितीय स्थान अर्जित किया व चेतन एवं समूह ने तृतीय स्थान अर्जित किया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सुरीना शर्मा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
निर्णायक मंडल में प्रोफेसर सीमा शर्मा, डॉ मुजीब हुसैन, डॉ ज्योत्स्ना व डॉ ज्योति विशेष रूप से शामिल रहे ।
इस कार्यक्रम का आयोजन वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, मंडी, जिला प्रशासन और जिला कल्याण कार्यालय मंडी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के अंत में, प्रोफेसर अंजू शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ दीपाली अशोक ने बखूबी मंच संचालन किया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिलाधीश रोहित राठौर, जिला कल्याण अधिकारी समीर, पंकज कुमार, मेजर चेतन सिंह राणा, डॉ राजीव कुमार, डॉ बिपाशा कश्यप, डॉ अंजू शर्मा, डॉ रतन लाल वर्मा, डॉ हेमराज राणा, फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन, सीटीओ डॉ बलबीर सिंह , एव डॉ कविता सहित राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट , राष्ट्रीय स्वयं योजना के स्वयंसेवी, वल्लभ राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक वर्ग व गैर शिक्षक वर्ग विशेष रूप से उपस्थित रहे।





