
हिमाचल प्रदेश में अब राज्य पथ परिवहन निगम (HRTC) की लंबी दूरी की बसों में भी स्थानीय सवारियां यात्रा कर सकेंगी। न्यूनतम किराया बढ़ाए जाने के बाद एचआरटीसी स्टेट कंडक्टर यूनियन ने यह अहम निर्णय लिया है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि निगम की आय में भी इजाफा होगा।गौरतलब है कि अब तक लंबी दूरी पर चलने वाली बसों में लोकल सवारियों को नहीं बैठाया जाता था जिससे कई बार खाली सीटें रह जाती थीं और निगम को आर्थिक नुकसान होता था। लेकिन अब यूनियन ने सभी रूटों—चाहे लोकल हों या लांग—पर हर जगह से सवारी बैठाने का निर्णय लिया है।
स्टेट कंडक्टर यूनियन हिमाचल प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष प्रीत महेंद्र और महासचिव दीपेंद्र कंवर ने प्रदेशभर के सभी परिचालकों से अपील की है कि वे हर पड़ाव से लोकल सवारियों को बसों में बिठाएं। यूनियन का कहना है कि इससे न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि निगम की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी जिससे कर्मचारियों को समय पर भत्तों का भुगतान संभव हो सकेगा।
दरअसल, हाल ही में सरकार ने एचआरटीसी बसों का न्यूनतम किराया 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। यूनियन नेताओं ने बताया कि न्यूनतम किराया बढ़ाए जाने के पहले ही दिन प्रदेश के सभी डिपो में निगम की आय में वृद्धि दर्ज की गई है। उनका मानना है कि नई व्यवस्था से बसों में खुले पैसों की समस्या भी खत्म हो गई है जिससे कंडक्टरों और यात्रियों दोनों को राहत मिली है।
इस पहल की पुष्टि करते हुए डीएम शिमला देवासेन नेगी ने कहा कि निगम की आय में वृद्धि के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निगम प्रबंधन की ओर से पहले से ही निर्देश जारी हैं कि चालक-परिचालक जहां भी सवारी मिले, उसे बस में बैठाएं। उन्होंने कंडक्टर यूनियन के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेशभर में यात्री सेवाएं बेहतर होंगी और लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।





