
हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले प्राथमिक शिक्षक निलंबित होंगे। रोक के बावजूद प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इनका एक दिन का वेतन कटेगा। गैर शिक्षण कार्य करने से इन्कार करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। शनिवार को शिमला के चौड़ा मैदान में हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदर्शन पर सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा है। इसके बाद सरकार ने छह शिक्षकों के निलंबन आदेश भी जारी किए।संघ के उन सदस्यों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का शिक्षा सचिव ने निर्देश दिया है, जिन्होंने सरकार के नीतिगत निर्णयों के विरोध में सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों-आंदोलनों में भाग लिया है।
शिक्षा सचिव ने कहा कि 25 अप्रैल को शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को किसी भी तरह के विरोध या आंदोलन में शामिल न होने की सलाह दी थी। शनिवार को संघ के पदाधिकारी और सदस्य सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लेते देखे गए। शिक्षकों ने राज्य के शिक्षण संस्थानों के लिए सरकार की पुनर्गठन और युक्तिकरण पहल की आलोचना की। शिक्षा सचिव ने सरकार के नीतिगत निर्णयों और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिक्षकों द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणियों पर असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघों से सेवा संबंधी हितों की रक्षा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वे खुले तौर पर सरकारी नीति की आलोचना या उसे कमजोर करने के हकदार नहीं हैं।
सरकार के कड़े रुख के खिलाफ शिक्षकों का क्रमिक अनशन शुरू
प्राथमिक शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ बोला हल्ला





