
पहलगाम में हुई आंतकी हमले का बदला भारत ने सोमवार रात में ले लिया। आतंकी हमले के 14 दिन पर आतंकियों को निशाना बनाकर भारत सरकार ने अपना वचन पूरा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हम जल्द ही बदला लेंगे और चाहे पाताल से भी ढूंढकर लाना पड़े तो आतंकियों को छोड़ेंगे नहीं।
11 दिन बाद की थी सर्जिकल स्ट्राइक
साल 2016 और तारीख 18 सितंबर। तब जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर के पास आर्मी हेडक्वार्टर में सुबह 5 बजे जब सेना के जवान सो रहे थे, तब चार हथियारबंद आतंकवादियों ने सोते हुए जवानों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में चारों आतंकवादियों को मौके पर ही ढेर कर दिया लेकिन इस हमले में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हुए। इसके 11 दिन बाद भारतीय सेना के स्पेशल कमांडोज ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। सेना के कमांडोज हेलीकॉप्टर से एलओसी के पास उतरे और जमीन के रास्ते जाकर छह आतंकवादी कैंप तबाह कर दिए जिसमें करीब 40 आतंकवादियों का सफाया हुआ।
12 दिन बाद एयर स्ट्राइक
साल 2019 तारीख 14 फरवरी। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया। जैश-ए-मोहम्मद का एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से भरी कार लेकर काफिले की गाड़ी से टकरा गया। इस आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए। 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट ने बालाकोट में आतंकियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की और आतंक के लॉन्च पैड ध्वस्त किए। जिसमें 200 से ज्यादा आतंकवादियों का सफाया हुआ।
14 दिन बाद ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 26 हिन्दू टूरिस्टों की मौत हुई। इंडियन आर्म्ड फोर्सेस ने 14 दिन बाद ऑपरेशन सिंदूर से इसका करारा जवाब दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में आतंकवाद पर बड़ी कार्रवाई, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से 9 आतंकी शिविर ध्वस्त कर दिया।
विश्व हिंदू परिषद हिमचल प्रदेश प्रांत सह विशेष सम्पर्क प्रमुख सुरूचि शर्मा ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) में 9 आतंकी शिविरों को खत्म कर दिया है।
सुरूचि शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद पर बड़ा हमला होगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाया है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 हिंदू भारतीय और एक नेपाली नागरिक की निर्मम हत्या के बाद भारतीय सेना ने 15 दिन के भीतर जवाबी कार्रवाई की।
‘ऑपरेशन सिंदूर’: वीरांगनाओं को समर्पित
सुरूचि शर्मा ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उन महिलाओं को समर्पित है, जिन्होंने कायराना आतंकी हमले में अपने पतियों को खोया है। आतंकियों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में धर्म पूछकर पुरुषों को निशाना बनाया था। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए।
हमारे हिंदू धर्म में इतिहास में पढ़ लो अगर हमारी मां,बहन और पत्नी को जब विपत्ति या संकट आया है
वो असली रुद्र रूप चंडी यानि दुर्गा बन जाती है।विनाश हो जाता है ।
“अथ चंडी रूपो देवी प्रकटत, संकट हरन्ति, भयमोचनन्ति।”
यह दर्शाता है कि जब भी किसी हिन्दू बहन को संकट आता है, तो देवी चंडी रूप में प्रकट होती है और उसकी रक्षा करती है।
भारत का कड़ा संदेश:
आतंकवाद को नहीं बख्शा जाएगा ।
सुरूचि शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर वह भारतीय जमीन पर आतंक फैलाने का प्रयास करेगा, तो उसे करारा जवाब मिलेगा। भारत ने सिंधु जल संधि के निलंबन और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द इत्यादि करने जैसे कड़े कदम उठाए हैं।
विश्व हिंदू परिषद की हिमाचल प्रदेश इकाई की सह-विशेष सम्पर्क प्रमुख सुरुचि शर्मा ने आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सैनिकों की कार्रवाई का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि एयर स्ट्राइक आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे आतंकवादी संगठनों को एक कड़ा संदेश जाएगा।
सुरुचि शर्मा ने कहा है कि लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसी समस्याएं तभी बंद होंगी जब सभी हिंदू एकजुट होकर भारतीय सैनिकों का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा है कि भारत ने अभी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का ट्रेलर दिखाया है और आगे और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने पुलवामा और पहलगाम जैसी घटनाओं का उल्लेख किया और कहा कि आतंकवादियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी। सुरुचि शर्मा ने कहा है कि सिंदूर मिशन के तहत अब कोई भी आतंकी भारत में हिंदुओं को नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा और इसका परिणाम जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा है, और सभी से एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया है।





