
सीआईडी से गोपनीय सूचनाएं लीक होने के मामले की जांच अब सीआईडी ही करेगी। पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस से मामले की जांच को खुफिया एजेंसी को ट्रांसफर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के बीच में मामला दूसरी एजेंसी को ट्रांसफर करने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अभी तक की जांच में जिला पुलिस मामले में शक के दायरे में आए कई लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर चुकी थी, जबकि कई कर्मी पुलिस के बुलाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हो रहे थे। इसको लेकर पुलिस जब तक उन्हें तलब करके मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास करती मामले को सीआईडी को ही ट्रांसफर कर दिया गया है। इस मामले को समोसा प्रकरण से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
हालांकि सीआईडी की ओर से की गई लिखित शिकायत में इस संबंध में कोई जिक्र नहीं है। मामला इसी साल फरवरी का है, जब स्टेट सीआईडी के एसपी क्राइम की ओर से छोटा शिमला में लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में जांच एजेंसी ने अपने ही स्टाफ पर जांच एजेंसी के गोपनीय दस्तावेज और सूचनाएं लीक करने का शक जाहिर किया था। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 (ई), 336(4), 59, 60 और 61 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोप थे कि गोपनीय सूचनाएं और दस्तावेज गैरकानूनी तरीके से लीक करके जांच एजेंसी और सरकार की छवि खराब करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
समोसा कांड से जोड़कर देखा जा रहा मामला, एफआईआर में नहीं जिक्र
स्टेट सीआईडी से खुफिया सूचनाएं लीक होने के मामले को समोसा कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि एफआईआर में इसका कोई जिक्र नहीं किया गया है। मामला 31 अक्तूबर 2024 को उस समय सामने आया था, जब मुख्यमंत्री सुक्खू सीआईडी के कार्यक्रम में गए थे। यहां पर होटल से समोसे मंगवाए गए और फिर वह सीएम के स्टाफ में ही बंट गए थे। इसकी बाद में सीआईडी ने जांच भी की गई लेकिन जांच रिपोर्ट लीक हो गई।





