
दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) को लेकर युवाओं का रुझान कम हो रहा है। प्रदेश में अब तक 70 हजार के करीब जेबीटी (डीएलएड) पास आउट बैठे हैं। इनमें से भी 40 हजार टेट पास हैं, जबकि इनकी भर्ती के नाम पर 2019 के बाद एक बार भी कमीशन नहीं निकाला गया है, जबकि बैचवाइज भर्ती के लिए अभी तक वर्ष 2013 तक के बैच को ही शायद नौकरी मिली है। डीएलएड पास बेरोजगारों की बढ़ती फौज को देखते हुए इस बार शिक्षा बोर्ड के पास आवेदनों की संख्या भी कम पहुंची है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड हर वर्ष प्रदेश भर में चल रहे सरकारी और निजी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) की सीटों को भरने के लिए प्रवेश परीक्षा करवाता है। इस बार शिक्षा बोर्ड ने इसके लिए अप्रैल में आवेदन मांगे थे। बोर्ड के पास अब तक करीब 15,500 आवेदन पहुंचे हैं, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। शिक्षा बोर्ड 29 मई को होने वाली प्रवेश परीक्षा की तैयारियों में जुटा हुआ है। शिक्षा बोर्ड के पास इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब 4,000 आवेदन कम पहुंचे हैं।





