
शिमला | जिला सिरमौर के हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा देने वाली अधिसूचना पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई अंतरिम रोक को हटाने के आदेश पर बहस होगी। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा की खंडपीठ इस मामले को सुन रही है। इस मामले में मुख्य याचिका सहित दूसरे समुदाय की ओर से दायर सभी याचिकाओं पर अब 16 जुलाई से लगातार सुनवाई होने की संभावना है।प्रदेश हाईकोर्ट ने हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा देने वाली अधिसूचना के तीन दिनों बाद ही अंतरिम रोक लगा दी थी।
मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने कहा था कि प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि विवादित कानून में स्पष्ट मनमानी और असांविधानिकता है। न्यायालय ने कहा था कि अगर अंतरिम आदेश नहीं दिए गए, तो हजारों एसटी प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाएंगे, जिन्हें वापस लेना मुश्किल होगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जनवरी में सिरमौर जिले के ट्रांसगिरि क्षेत्र के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति यानी एसटी का दर्जा देने की अधिसूचना जारी की थी।





