वोल्वो बसों में की जा रही सेब और सब्जियों की ढुलाई, ट्रक यूनियन कुल्लू ने जताई आपत्ति

कुल्लू : हिमाचल में सेब सीजन शुरू है और इसी के साथ प्रमुख सेब उत्पादक जिलों में हलचल भी शुरू हो गई है। जिला कुल्लू के बागवान जहां अपने बगीचे से ताजा सेब देश की विभिन्न मंडियों की ओर रवाना कर रहे हैं, वहीं कुछ व्यापारियों की चालाकी भरी तरकीब अब विवाद का कारण बन गई है। कुछ व्यापारियों द्वारा सेब और सब्जियों को वोल्वो बसों में भरकर बाहरी राज्यों खासकर दिल्ली और चंडीगढ़ की मंडियों तक पहुंचाने का मामला सामने आया है। ये बसें यात्रियों के साथ-साथ अपने नीचे बने बॉक्स में फल और सब्जियां भरकर ले जा रही हैं। इससे न केवल सुरक्षा और कानूनी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि स्थानीय जीप और ट्रक यूनियन को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापारियों की इस गतिविधि की सूचना मिलने पर ट्रक यूनियन कुल्लू ने कड़ा एतराज जताया और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की और चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर तलोगी के पास नाका लगाया गया, जहां जांच के दौरान पुलिस ने कई वोल्वो बसों में सेब और सब्जियों की अवैध ढुलाई पकड़ी। बस चालकों का चालान किया गया और उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी गतिविधि पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
ट्रक यूनियन के उपाध्यक्ष विशाल सूद ने बताया कि ऐसा मामला पहली बार नहीं हुआ है। पिछले वर्ष भी वोल्वो बसों द्वारा फल और सब्जियों की ढुलाई की शिकायतें आई थी। बबेली में हमने जांच की तो कुछ बसों से सेब के क्रेट मिले थे। उन्होंने कहा कि ऐसी ओवरलोडिंग केवल ट्रांसपोर्ट यूनियन को आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचा रही, बल्कि इससे बस में सफर कर रहे यात्रियों की जान को भी खतरा है। वोल्वो बसों में जब क्षमता से अधिक भार (भारी फल और सब्जियों के क्रेट) रखा जाता है, तो किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। वहीं वोल्वो बसों के जरिए फल ढुलाई करने होने इसका सीधा असर स्थानीय ट्रक और जीप चालकों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से ट्रक यूनियन को उम्मीद है कि अब व्यापारियों को कानून का पालन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यदि नियमों का सख्ती से पालन हुआ तो बागवानों के उत्पाद वैध वाहनों के जरिए ही राज्य से बाहर भेजे जाएंगे, जिससे यूनियन और चालकों को राहत मिलेगी।

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