Shimla: शहर में इस दिन से नहीं चलेंगी निजी बसें, चालक-परिचालक संघ ने लिया फैसला, जानें वजह

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की बसों के शिमला शहर में दाखिल होने के विरोध में प्राइवेट मिनी बस चालक-परिचालक संघ ने बसें नहीं चलाने का फैसला लिया है। निजी बस ऑपरेटरों ने भी चालक-परिचालक संघ के इस फैसले का समर्थन किया है। सोमवार से शहर में निजी बसें नहीं चलेंगी। निजी बस चालक परिचालक संघ का कहना है कि 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की एचआरटीसी समेत निजी बसों के शहर में दाखिल होने से जाम लग रहा है।

इस वजह से निजी बसों के रूट फेल हो रहे हैं। वहीं रूट पूरा करने में उन्हें दोगुना समय लग रहा है। इसका खामियाजा शहर की जनता को भी झेलना पड़ रहा है। यही वजह है कि निजी बस ऑपरेटर और चालक परिचालक के संघ शहर में 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की बसों के दाखिल होने का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि लंबी दूरी की यह बसें सीधे आईएसबीटी जाएं जिससे कि शहर में लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से न जूझना पड़े।

इससे पहले निजी बस परिचालक-चालक संघ ने 13 अक्तूबर को हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था लेकिन 12 अक्तूबर को परिवहन निदेशालय में हुई बैठक में 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की बसों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला ले लिया था। इसको लेकर एचआरटीसी ने भी हामी भरी थी। इसके बाद हड़ताल टाल दी थी। आरटीओ शिमला ने इस संबंध में एचआरटीसी को आदेश भी जारी किए थे लेकिन अभी तक यह व्यवस्था शहर में लागू नहीं हुई है।

इसके विरोध में अब निजी बस परिचालक संघ ने 3 नवंबर से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इस दौरान चालक-परिचालक संघ अपनी बसों को आरटीओ कार्यालय के बाहर खड़ी करेंगे। वहीं शिमला सिटी प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन के महासचिव ने भी आरटीओ शिमला को इस संबंध में शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की बसों के शहर में दाखिल न होने और स्कूल बसों में सवारियों को बैठाने की मांग की थी।

Share the news