हिमाचल: मंत्री विक्रमादित्य बोले- विकास के नाम पर देव स्थलों को नुकसान पहुंचना गलत

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में विकास के नाम पर देव स्थलों और देव संस्कृति को नुकसान पहुंचाना गलत है। धार्मिक आस्था, संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण से ही हिमाचल का भविष्य सुरक्षित रह सकता है। शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विक्रमादित्य सिंह ने यह पोस्ट की। शुक्रवार को कुल्लू के नग्गर में आयोजित देव संसद (जगती) में भी देवी-देवताओं ने देवस्थलों और पवित्र स्थानों को पर्यटन स्थलों की तरह छेड़छाड़ कर विकसित न करने की चेतावनी दी थी।

विक्रमादित्य ने पोस्ट में लिखा कि एक सच्चे आस्थावान और जनप्रतिनिधि के रूप में वह संकल्प लेते हैं कि धार्मिक स्थलों, देव नीति और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया जाएगा। सच्ची भक्ति तभी सार्थक होती है जब हमारे विचार और कार्य पर्यावरण के अनुकूल हों। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी योजनाओं और परियोजनाओं में हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण और मंदिरों की रक्षा को सर्वोपरि रखा जाए। उन्होंने कुल्लू में आयोजित जगती का समर्थन करते हुए देव समाज और नागरिकों से आह्वान किया कि वे मंदिरों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य की रक्षा में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल ग्रीन डेवलपमेंट फंड, क्लाइमेट स्मार्ट बिल्डिंग कोड और पारंपरिक ज्ञान को नीतिगत स्तर पर शामिल कर राज्य के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित किया जाएगा।

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