हिमाचल विधानसभा शीतकालीन सत्र: वजीर राम सिंह को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिलाने के लिए सदन एकजुट

वजीर राम सिंह पठानिया को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिलाने के लिए शुक्रवार को सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष एकजुट नजर आए। दोनों पक्षों ने एक स्वर में गैर सरकारी सदस्य संकल्प प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। चर्चा के बाद संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वजीर राम सिंह के योगदान को इतिहास में चिह्नित नहीं किया गया है। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिए जाएंगे कि इस मामले का परीक्षण किया जाए। वजीर राम सिंह पठानिया सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को ठीक से चिह्नित करने को कहा जाएगा। इसके लिए नियमों को बदलना होगा तो बदलेंगे। भाषा विभाग को भी कहा जाएगा कि स्वतंत्रता सेनानियों के नामों को दर्ज करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्राइवेट मेंबर्स डे पर शाहपुर के कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया और फतेहपुर के कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने गैर सरकारी सदस्य दिवस पर यह संकल्प प्रस्ताव लाया कि स्वर्गीय वजीर राम सिंह पठानिया को स्वतंत्रता सेनानी घोषित किया जाए। कहा कि इस सदन को वजीर राम सिंह को ब्रिटिश राज के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी स्वतंत्रता सेनानियों में से एक घोषित करने पर विचार करना चाहिए। राज्य और केंद्र सरकार से इसकी सिफारिश करनी चाहिए। केवल सिंह ने कहा कि उन्होंने कटोच राजपूतों के साथ सेना बनाई और अंग्रेजों पर हमला किया।

फतेहपुर के कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि मात्र 24 साल की उम्र में ही वजीर राम सिंह पठानिया ने अपने प्राणों की आहुति दी। भवानी सिंह ने कहा कि सदन उन्हें स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने के लिए संकल्प प्रस्ताव पर अपनी सहमति दर्ज करे। ज्वालामुखी के कांग्रेस विधायक संजय रतन ने कहा कि वह इस संकल्प के समर्थन में खड़े हैं। राज्य में स्वतंत्रता सेनानी बोर्ड बनना चाहिए। सभी स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की एंट्री राजस्व रिकॉर्ड में की जाए तो यह अच्छा होगा। वह इस संकल्प का समर्थन करते हैं। पहले राज्य में भी इन्हें दर्जा दिया जाए।

पठानिया के अधूरे स्मारक के लिए धनराशि दी जाए : डॉ. जनक
भरमौर के भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि वजीर राम सिंह पठानिया के योगदान को ज्यादा चिह्नित नहीं क्या जा सका है। अंग्रेजों के खिलाफ उन्होंने पांच युद्ध किए। उन्हें प्रथम स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दे रहे हैं। आरएसएस वजीर राम सिंह पठानिया का स्मारक बना रहा है। लोग स्वेच्छा से योगदान दे रहे हैं। इस स्मारक का कुछ कार्य अधूरा है। उसके लिए भाषा संस्कृति विभाग की ओर से राशि जारी की जाए।
एक गड़वे से मार दिए थे तीन से चार अंग्रेज : निक्का
नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि अंग्रेजों ने जब वजीर राम सिंह पठानिया को गिरफ्तार किया तो उनके पास हथियार नहीं थे। एक गड़वा हाथ में था, उसके साथ भी उन्होंने तीन से चार अंग्रेजों को मौत के घाट उतारा। मात्र 24 साल की उम्र में उन्होंने देश के लिए अपनी प्राण न्योछावर कर दिए। उन्हें प्रथम स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा मिले।
इंदौरा में अवैध खनन रोकने को पंजाब को लिखेंगे पत्र : हर्षवर्धन
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इंदौरा में अवैध खनन रोकने के लिए पंजाब सरकार को पत्र लिखा जाएगा। हिमाचल सीमा के समीप पंजाब के लोगों के क्रशर लगे हुए हैं। विवादित भूमि के चलते पंजाब के लोग नजदीकी क्षेत्रों में अवैध खनन कर रहे हैं। उपायुक्त कांगड़ा इस मामले को देख रहे हैं। जल्द ही पंजाब सरकार को निशानदेही के लिए पत्र लिखा जाएगा। विधायक मलेंद्र राजन के सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में 31 अक्तूबर 2025 तक इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में कोई नई क्रशर इकाई स्थापित नहीं हुई है। यहां पहले से स्थापित 34 क्रशर इकाइयां कार्य कर रही हैं। क्रशर इकाइयों से सरकार को प्रतिवर्ष औसतन लगभग 7,80,02,283 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है। अवैध खनन के खिलाफ सरकार की कार्रवाई जारी है। विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध खनन के कारण ब्यास नदी को बहुत नुकसान हो रहा है।

विधायक सुल्तानपुरी ने उठाया गिरदावरी नहीं होने का मुद्दा
कसौली से कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने तहसील कसौली और उपतहसील परवाणू/कृष्णगढ़ में सड़कों के लिए गिरदावरी (भूमि निरीक्षण) नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि गंभर पुल सड़क में इस कारण कानूनी मामले बहुत अधिक बढ़ गए हैं। जवाब में मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि गिरदावरी नियमानुसार की जा रही है। सड़क प्रयोजन के लिए संबंधित विभाग के नाम व्यक्तियों द्वारा दान की गई भूमि का म्यूटेशन (स्वामित्व हस्तांतरण) नियमों के अनुसार शीघ्रता से किया जा रहा है।

तीन साल में 1.20 अरब के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि विभाग ने वर्ष 2022 से जुलाई 2025 तक एक अरब बीस करोड़ बीस लाख रुपये के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान किया है। विधायक सतपाल सिंह सत्ती के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ओर से चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों को प्रस्तुत किया जाता है। विभाग की ओर से बजट का आवंटन करना एक निरंतर प्रक्रिया है। अगर संबंधित वित्तीय वर्ष में बजट की कमी के कारण अहारण संभव नहीं हो पाता है तो इन बिलों को दोबारा अगले वित्तीय वर्ष के लिए भेजा जाता हैं। उनका भुगतान अगले वित्तीय वर्ष के आरंभ में संबंधित डीडीओ द्वारा तैयार किए गए बिलों के आधार पर होता है।

एंटी हेल नेट के लिए 55 करोड़ रुपये किए स्वीकृत : नेगी
प्रदेश में गत तीन वर्षों में 31 अक्तूबर तक राज्य सरकार की ओर से बागवानों के लिए एंटी हेल नेट सब्सिडी के तौर पर विभिन्न योजनाओं के तहत 5542.77 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अब तक 3829.67 लाख रुपये 6058 बागवानों को अनुदान के रूप में वितरित किए जा चुके हैं। आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि आनी विधानसभा क्षेत्र में 642.88 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। 445.83 लाख रुपये की धनराशि वितरित कर 634 बागवान लाभान्वित हुए हैं। ढाई साल में रोड एक्सीडेंट, पानी में बहने, पेड़ से गिरने, सर्पदंश और करंट लगने के कारण कुल 4,488 लोगों की मौतें हुई हैं। 4112 लोगों के आश्रितों को मुआवजा प्रदान किया जा चुका है तथा 356 मामले लंबित हैं।

हरे और सूखे पेड़ों के कटान पर लगा है आंशिक प्रतिबंध
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में हरे व सूखे पेड़ों के कटान पर वर्तमान में आंशिक रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। गगरेट से विधायक राकेश कालिया के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सूखे व हरे खैर के पेड़ों का कटान दस वर्षीय पातन कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है। चीड़ के पेड़ों को निजी भूमि से काटने पर प्रतिबंध है। सरकारी भूमि से साल्वेज / सिल्वीकल्चरल मार्किंग करने के बाद लॉट बनाकर वन विकास निगम को व्यवस्थित तरीके से कटान के लिए सौंपे जाते हैं। वर्तमान में प्रदेश की पर्यावरणीय एवं भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रतिबंध हटाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

प्रधानाचार्यों के 825, मुख्याध्यापकाें के 247 पद पदोन्नति से भरने की प्रक्रिया जारी : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रधानाचार्यों के 825 और मुख्याध्यापकाें के 247 पद पदोन्नति से भरने की प्रक्रिया जारी है। भाजपा विधायक हंसराज और जनकराज के सवालों पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने लिखित जवाब में स्थिति स्पष्ट की। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानाचार्य के रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमानुसार 100 प्रतिशत पदोन्नति के माध्यम से भरने का प्रावधान है। इनमें से 50 प्रतिशत पदों को मुख्याध्यापक संवर्ग व 50 प्रतिशत पदों को प्रवक्ता (विद्यालय नई व्यवस्था) संवर्ग से भरा जाता है। प्रधानाचार्य के 825 पद रिक्त हैं जिन्हें पदोन्नति द्वारा भरने की प्रक्रिया जारी है। मुख्याध्यापक के रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमानुसार 100 प्रतिशत पदोन्नति के माध्यम से भरने का प्रावधान है। मुख्याध्यापक के 247 रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की प्रक्रिया जारी है।

प्रवक्ता (विद्यालय नई व्यवस्था) के कुल 658 पद सीधी भर्ती तथा 400 पद पदोन्नति के माध्यम से भर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त 64 पदों को सीधी भर्ती से तथा शेष रिक्त पदों को पदोन्नति व युक्तिकरण के माध्यम से भरने की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा (स्कूल न्यू) के 112 पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने बारे मामला अभी विचाराधीन है। प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक के कुल 1318 पद भरने प्रस्तावित हैं, जिसमें प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (कला) के 510, प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (नॉन मेडिकल) के 538 तथा प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (मैडिकल) के 270 पदों को विभिन्न माध्यमों से भरने बारे प्रक्रिया जारी है। शास्त्री के 737, भाषा अध्यापक के 31 पद सीधी भर्ती तथा अन्य पदों को जेबीटी अध्यापकों से पदोन्नति द्वारा, कला अध्यापक के 339 व पीईटी के 870, पंजाबी भाषा अध्यापक के 17 तथा उर्दू भाषा अध्यापक के 13 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। शास्त्री के पदों को भरने बारे मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।

पीईटी के पदों को भरने बारे मामला उच्च न्यायालय में लंबित है, ऐसे में नियुक्ति कार्य रोका गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र मुख्य शिक्षकों तथा मुख्य शिक्षकों के रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमानुसार 100 प्रतिशत पदोन्नति के माध्यम से भरने का प्रावधान है। केंद्र मुख्य शिक्षकों के 218 तथा मुख्य शिक्षकों के 598 रिक्त पदों को पदोन्नति द्वारा सुचारू रूप से भरा जा रहा है। प्रदेश में कनिष्ठ बुनियादी अध्यापकों के 1762 पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाने प्रस्तावित हैं जिनमें से प्रथम चरण में 600 पदों को भरने के लिए राज्य चयन आयोग द्वारा विज्ञप्ति जारी कर दी गई है, इसके अतिरिक्त दिव्यांग श्रेणी के 187 पदों के लिए अभ्यर्थियों की एक ही स्थान पर काउंसलिंग आयोजित की गई थी तथा यह मामला उच्च न्यायालय के समक्ष न्यायाधीन होने के कारण लंबित है।
निगमों-बोर्डों में सरकार ने 30 अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियुक्त किए
हिमाचल प्रदेश सरकार ने विभिन्न बोर्डों और निगमों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक नियुक्तियां करते हुए कुल 30 अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। यह जानकारी बंजार के भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन के पटल पर लिखित रूप में दी। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में नरदेव सिंह कंवर, कृषि उपज मंडी समिति मंडी में अध्यक्ष संजय गुलेरिया, कुल्लू व लाहौल-स्पीति मंडी समिति के अध्यक्ष राम सिंह मियां और कृषि उपज मंडी समिति सोलन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर नियुक्त किए हैं। शिमला-किन्नौर मंडी समिति में देवानंद वर्मा, कृषि उपज मंडी समिति हमीरपुर में अजय शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति सिरमौर में सीताराम शर्मा और कृषि उपज मंडी समिति बिलासपुर में सतपाल वर्धन अध्यक्ष बनाए गए हैं।

कृषि उपज मंडी समिति चंबा में ललित ठाकुर और कृषि उपज मंडी समिति कांगड़ा में चौधरी नरेंद्र कुमार अध्यक्ष पद संभाल रहे हैं। राज्य सरकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ में बुद्धि सिंह ठाकुर, ऊन एकत्रीकरण एवं विपणन संघ कसुम्पटी में मनोज कुमार, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर भवानी सिंह पठानिया और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में उपाध्यक्ष के रूप में विशाल चंबयाल को जिम्मेदारी दी गई है। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल बनाए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय बचत राज्य सलाहकार बोर्ड में प्रकाश चंद करड उपाध्यक्ष बने हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम में अजय वर्मा, हिमुडा में यशवंत छाजटा और भूतपूर्व सैनिक निगम में लेफ्टिनेंट कर्नल प्यार सिंह अत्री उपाध्यक्ष नियुक्त हुए हैं।

राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के अध्यक्ष पद पर डॉ. राजेश शर्मा, पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर रघुवीर सिंह बाली और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी नियुक्त की गई हैं। राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम में डॉ. मोहन लाल उपाध्यक्ष, राज्य वन विकास निगम में केहर सिंह खाची उपाध्यक्ष और राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड में प्रबोध सक्सेना अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश औद्यानिकी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम में उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम में लाल सिंह कौशल अध्यक्ष और राज्य औद्योगिक विकास निगम में अनुराग शर्मा अध्यक्ष बनाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश जल प्रबंधन बोर्ड में शशि शर्मा उपाध्यक्ष और राज्य युवा बोर्ड में छतर सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

Share the news