
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा नीति में बड़े बदलाव करने जा रही है। सीबीएसई के तहत लाए जा रहे सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी और गणित विषय के लिए स्पेशल इंस्ट्रक्टरों की भर्ती जल्द शुरू की जाएगी।
स्पष्ट किया कि प्रदेश की किसी भी पंचायत में किसी बीपीएल परिवार का नाम नहीं काटा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल सर्वे के माध्यम से गरीब परिवारों का डाटा एकत्र कर रही है, जिससे पता लगाया जा सके कि ऐसे कौन से पात्र परिवार हैं, जिन्हें अब तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है।नादौन दौरे के दौरान भाजपा नेताओं के 80 फीसदी परिवारों के नाम बीपीएल सूची से हटाने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने गांव भंवड़ों में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह पूरी तरह भ्रामक है।
अभी प्रथम चरण में केवल अध्ययन किया जा रहा है। एसडीएम और बीडीओ के माध्यम से बीपीएल परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है, लेकिन किसी को सूची से हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले पंचायतों की मांग पर कार्य होते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ही तय करेगी कि किस पंचायत में कौन सा कार्य होगा। इससे न तो तालाब बनेंगे और न ही रास्ते। भाजपा सांसदों को इस फैसले का विरोध करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को जल्द ही जोलसप्पड़ स्थित नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। जोलसप्पड़ में प्रस्तावित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए प्रदेश सरकार ने 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
सीएम बेटे को गले लगाकर भावुक हो गई मां…
मुख्यमंत्री सुक्खू लंबे समय के बाद जब अपने घर पहुंचे तो उनकी मां संसार देई उनसे गले मिलकर भावुक हो गईं। मुख्यमंत्री ने अपनी मां के पांव छूकर आशीर्वाद लिया।
छोटे स्कूली बच्चे भी साइंस और कंप्यूटर लैब का उठा सकेंगे लाभ
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में हब एंड स्पोक मॉडल से क्लस्टर के सभी स्कूल संसाधनों का साझा उपयोग करेंगे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए क्लस्टर प्रणाली शुरू की गई है। प्रदेश 1,968 क्लस्टर गठित किए गए हैं। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को हब बनाया गया है और हब के साथ 7 से 8 प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालय जोड़े गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की समस्या का स्थायी समाधान करना है। इन सभी स्कूलों का प्रशासनिक नियंत्रण हब स्कूल के प्रधानाचार्य के पास होगा, जिन्हें प्राथमिक से लेकर 12वीं कक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि इस हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत क्लस्टर के सभी स्कूल संसाधनों का साझा उपयोग करेंगे, जिससे छोटे स्कूलों के विद्यार्थी भी आधुनिक आईसीटी लैब, विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और खेल परिसरों जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता का अंतर कम होगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार के सत्ता में आने पर कई स्कूलों में नामांकन शून्य या बहुत कम था। पिछली भाजपा सरकार ने बिना सोचे समझे और बजट प्रावधान के बड़ी संख्या में स्कूल खोले। सरकार ने इसे लेकर विस्तृत समीक्षा के बाद 770 शून्य नामांकन वाले स्कूल बंद किए और 532 कम छात्रों वाले स्कूलों का नजदीकी विद्यालयों में विलय किया।





