
हिमाचल प्रदेश के हरोली विधानसभा क्षेत्र के रोड़ा में बन रहा राज्य का पहला ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट सेंटर इन दिनों तेज गति से निर्माणाधीन है। परिवहन विभाग ने दावा किया है कि मार्च तक निर्माण पूरा कर इसे जनता की सुविधा के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना अशोक कुमार ने बताया कि ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में ट्रैक का कार्य अंतिम चरण में है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस सेंटर का निर्माण लगभग 13 कनाल भूमि पर किया जा रहा है।
ट्रैक का निर्माण लोक निर्माण विभाग से ड्राइंग स्वीकृत करवाने के बाद एक निजी कंपनी की ओर से अत्याधुनिक तकनीक से किया जा रहा है। इस ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट सेंटर के संचालन के बाद ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी प्रणाली से होंगे। इससे विभाग को मैनुअल कार्यप्रणाली से निजात मिलेगी और केवल नियमों की कसौटी पर खरा उतरने वाला चालक ही ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकेगा। सेंटर के शुरू होने के बाद आरटीओ को सड़कों पर जाकर ड्राइविंग टेस्ट लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सेंटर के लिए बजट स्वीकृत किया जा चुका है।





